करिश्माई गेंद फेंकने के बाद चर्चा के शिखर पर मुरादाबाद के युवा गेंदबाज शिवा सिंह

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लखनऊ । पृथ्वी शॉ की कप्तानी में जूनियर विश्व कप क्रिकेट (अंडर-19) में खिताब जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे मुरादाबाद के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज शिवा सिंह बेहद चर्चा में हैं। पश्चिम बंगाल के कल्याणी में में शिवा सिंह ने 360 डिग्री पर सटीक गेंद फेंक सभी को आश्चर्य में डाल दिया। इस गेंद को भले ही अम्पायर ने ‘डेड बॉल’ घोषित कर दिया, लेकिन इस गेंद पर क्रिकेट के पंडित चर्चा में लगे हैं। पीलतनगरी मुरादाबाद के शिवा सिंह सीके नायुडू अंडर-23 ट्रॉफी में अलग ढंग के गेंदबाजी करके एक दिन में ही क्रिकेट जगत में छा गए। क्रिकेट के दिनों-दिन बदलते फार्मेट में कुछ नया करने की तलाश में बल्लेबाज के साथ गेंदबाज भी लगे हैं। शिवा सिंह ने भी बंगाल के खिलाफ मैच में नया प्रयोग किया। शिवा सिंह ने 360 डिग्री में गेंद फेंककर विरोधी बल्लेबाज के साथ अम्पायर को भी अचंभित कर दिया। शिवा सिंह के पिता अजीत सिंह भी उत्तर प्रदेश से रणजी ट्राफी में खेल चुके हैं। शिवा का कहना है कि वह इस प्रयोग को आगे भी जारी रखेंगे।शिवा ने कहा कि मुझे लगता है कि मेरा एक्शन बिल्कुल सही है। बल्लेबाजों को स्विच कर बल्लेबाजी करने की आजादी होती है, उसी तरह गेंदबाजों को भी होनी चाहिए। मैं वनडे और टी-20 में अलग-अलग विविधता के साथ गेंदबाजी करता हूं। मैंने सोचा कि घूमकर गेंद डालता हूं क्योंकि बल्लेबाजों के बीच लंबी साझेदारी हो रही है। शिवा ने कहा कि बल्लेबाजों को आउट करने के लिए गेंदबाज अक्सर नए प्रयोग करते आए हैं। मैंने भी यह नया प्रयोग इसीलिए किया। बल्लेबाज भी 360 डिग्री में बल्लेबाजी करते हैं, स्विच तक करते हैं। फटाफट क्रिकेट में गेंदबाज थोड़ा रुककर गेंदबाजी करते हैं, क्रीज के पीछे से भी गेंदबाजी कर लेते हैं। ऐसे में इस तरह के प्रयोग से कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। बायें हाथ के स्पिनर शिवा सिंह ने कहा कि बीसीसीआइ ने इस एक्शन की वीडियो को ट्विटर पर अपलोड किया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों के मेरे पास फोन आने लगे। शिवा ने कहा कि वह आगे भी इस प्रयोग को जारी रखेंगे।शिवा सिंह दिल्ली में शिखर धवन के कोच मदन शर्मा से कोचिंग लेते हैं। बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज शिवा सिंह ने कुछ ही महीने पहले इसका अभ्यास करना शुरू किया था। शिवा ने कहा कि मेरा यह प्रयोग देखकर कई सीनियर काफी चौक गए थे। उन्होंने काफी बार ऐसा करना चाहा, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सके थे।शिवा सिंह के 360 डिग्री की गेंदबाज डालने के बाद उत्तर प्रदेश अंडर-23 टीम के कप्तान शिवम चौधरी ने कहा कि जब अंपायर ने इसको डेड घोषित किया तो हम सभी चौक गए थे। ऐसा उसने पहले भी किया था और तब कोई आपत्ति नहीं दर्ज हुई थी। तब मैं अंपायर के पास गया था और पूछा था कि कौन से लॉ में है कि ऐसे एक्शन में गेंदबाजी नहीं की जा सकती। मैच में गेंदबाजी एक्शन में यह ध्यान में रखना होता है कि हाथ पूरी तरह से घूमे। जब शिवा ने यह गेंद की तो उनका हाथ पूरा घूमा भी था। ऐसे में यह डिलीवरी डेड बॉल नहीं करार दी जानी चाहिए थी।पश्चिम बंगाल के कल्याणी में बंगाल व उत्तर प्रदेश के बीच अंडर-23 सीके नायडू ट्रॉफी के चार दिवसीय मैच में शिवा ने बंगाल की दूसरी पारी के दौरान 360 डिग्री घूमकर गेंद फेंकी, लेकिन अंपायर विनोद शेशान ने इसे डेड बॉल घोषित कर दिया। शिवा सिंह बंगाल की दूसरी पारी के दौरान गेंद फेंकने से पहले अचानक घूम गये और फिर उन्होंने गेंद फेंकी। मैच कल्याणी में बंगाल क्रिकेट अकादमी मैदान पर खेला जा रहा था।पहली बार नहीं डाली है शिवा ने ऐसी बॉल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी इसे अपनी वेबसाइट पर डाला है। इससे पहले इस वीडियो को बिशन बेदी नाम के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया था। शिवा ने कहा कि वह पहली बार इस तरह की गेंदें नहीं डाल रहा है। उन्होंने पिछले महीने ही विजय हजारे ट्रॉफी में भी ऐसी गेंदें फेंकी थी जिसे अंपायर ने लीगल गेंद माना था। शिवा ने आगे कहा कि विजय हजारे सीमित ओवरों के मुकाबले में मैंने केरल के खिलाफ भी 360 डिग्री घूमकर गेंदबाजी की थी, लेकिन वहां किसी को कोई समस्या नहीं हुई। बल्लेबाज हमेशा रिवर्स स्वीप या स्विच हिट मारते हैं, लेकिन जब गेंदबाज कुछ अलग करना चाहता है तो उसे डेड बॉल करार दे दिया जाता है। शिवा सिंह का कहना है कि उन्हें इस बारे में नियम की जानकारी कतई नहीं थी। स्पिनर होने के बावजूद उनके बाजुओं का दम ऐसा है कि वह बाउंसर भी मार लेते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पिछले तीन-चार महीने के दौरान नेट्स में 360 डिग्री गेंद डालने का अभ्यास किया था। शिवा के मुताबिक उनकी इस अनूठी गेंदबाजी के बारे में उनके कैप्टन या टीम के साथियों को पहले से पता नहीं था।दिग्गज अंपायर साइमन टॉफेल ने बताया गलतशिवा भले ही अपने 360 गेंद को जायज बता रहे हों, लेकिन पूर्व दिग्गज अंपायर साइमन टॉफेल ने इसे नियम विरुद्ध करार दिया। उन्होंने इस गेंद को जानबूझकर बल्लेबाजों का ध्यानभंग करने वाली हरकत करार दिया है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाज व गेंदबाजों के रिवर्स ऐक्शन की मंशा में काफी फर्क है। बल्लेबाजों के लिए जहां शॉट लगाना जरूरी होता है वहीं गेंदबाजों के लिए उसी तरह की गेंदबाजी बरकरार रखना जरूरी नहीं होता। नियमों के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि अंपायर के पास नियम 20.4.2.1 (अनुचित खेल) और 20.4.2.7 (जानबूझकर ध्यान भंग करना) के तहत इस तरह की गेंद को डेड घोषित करने का अधिकार होता है। उनके पास गेंदबाजों से यह पूछने का भी अधिकार होता है कि ऐसा उन्होंने क्यों किया। क्या उनका मकसद बल्लेबाज का ध्यान भंग करना तो नहीं था। मेरे हिसाब से यह सही नहीं है।

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