अगर आपके बच्चे को है अस्थमा की शिकायत तो उसके भोजन में शामिल करें ये चीज

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प्रेस24 न्यूज़ – Press24 News, KNMNमेलबर्न। बदलती जीवन शैली ने अस्थमा के रोगियों की संख्या में वृद्धि की है, जहां पहले एक उम्र के बाद इस रोग के लक्षण व्यक्ति में दिखाई देते थे वहीं अब प्रदूषित वातावरण और धूल—धुंए  ने कम उम्र में ही लोगों को अस्थमा की शिकायत हो जाती है। बच्चे भी इस रोग से पीड़ित नजर आते हैं, कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका सेवन करने से बच्चों को अस्थमा से बचाया जा सकता है। हाल ही हुए एक सर्वे के अनुसार, सैमन, ट्राउट और सार्डाइन जैसी मछलियों को पौष्टिक आहार में शामिल करने से बच्चों में अस्थमा के लक्षण में कमी आ सकती है। 



ऑस्ट्रेलिया में ला ट्रोब विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए क्लीनिकल ट्रायल में यह पता चला कि अस्थमा से ग्रसित बच्चों के भोजन में जब छह महीने तक वसा युक्त (फैटी एसिड वाला) मछलियों से भरपूर पौष्टिक समुद्री भोजन को शामिल किया गया, तब उनके फ़ेफड़े की कार्यप्रणाली में सुधार देखा गया। यह अध्ययन ह्यूमन न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में कहा गया कि यह देखा गया है कि पौष्टिक भोजन बचपन में होने वाले अस्थमा के लिए संभावित कारगर थैरेपी हो सकता है।



ला ट्रोब के प्रमुख अनुसंधानकर्ता मारिया पैपमिशेल ने कहा, हम पहले से ही यह जानते हैं कि वसा, चीनी, नमक बच्चों में अस्थमा के बढ़ने को प्रभावित करता है और अब हमारे पास यह साक्ष्य है कि पौष्टिक भोजन से अस्थमा के लक्षणों को नियंत्रित करना संभव है। उन्होंने कहा, वसा युक्त मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं जिनमें रोग को रोकने में सक्षम गुण होते हैं। हमारे अध्ययन में यह पता चला कि सप्ताह में महज दो बार मछली खाने से अस्थमा से पीड़ित बच्चों के फ़ेफड़े की सूजन अत्यंत कम हो सकती है।

(इस खबर में कुछ अंश एजेंसी से लिया गया है।)
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