चोर को छिपा रही पुलिस, धरने पर बैठे लक्ष्मीकांत वाजपेयी

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मेरठ । वारदात की रिपोर्ट दर्ज न करके क्राइम कंट्रोल दिखाने का पुलिस का कारनामा जगजाहिर है। ऐसा ही एक मामला सिविल लाइन थाने का है। पुलिस ने चोरी हुआ मोबाइल तो रिकवर कर लिया, लेकिन चोर का पता नहीं कर पाई। खाकी के व्यवहार के खिलाफ भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी गुरुवार को थाने में धरने पर बैठ गए। पुलिस ने आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर एफआइआर की कॉपी पीड़ित को थमाई, जिसके बाद धरना खत्म हुआ। सूरजकुंड रामबाग निवासी मुनेंद्र गिरि पुत्र ओमप्रकाश डेयरी संचालक हैं। गत 10 अक्टूबर को उनके यहां से एलइडी, तीन मोबाइल और 99 हजार रुपये चोरी हो गए। उन्होंने सूरजकुंड चौकी और सिविल लाइन थाने में तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि मोबाइल रिकवरी सेल ने उनका एक मोबाइल बरामद कर उन्हें सौंप दिया। चोर और बाकी माल के बारे में न बताने पर मुनेंद्र लक्ष्मीकांत बाजपेयी से मिले। लक्ष्मीकांत गुरुवार दोपहर पौने एक बजे थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। पीड़ित को धमकाने पर बिफरे पीड़ित ने थाने में पुलिस की लापरवाही बतानी शुरू की तो सूरजकुंड चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह ने अभद्रता कर दी। इस पर बिफरे लक्ष्मीकांत ने कहा कि योगी सरकार में पीड़ितों से दु‌र्व्यवहार सहन नहीं होगा। चौकी प्रभारी को जमकर लताड़ लगाई। सूचना पर थाने पहुंचे सीओ सिविल लाइन राम अर्ज ने लक्ष्मीकांत से धरना खत्म करने को कहा लेकिन वह एफआइआर दर्ज करने पर अड़ गए। सीओ ने आनन-फानन में एफआइआर दर्ज कराई। पीड़ित खुद ही नहीं चाहता था एफआइआर : चौकी इंचार्जचौकी इंचार्ज का कहना है कि पीड़ित को किसी अपने पर चोरी करने का शक था, लिहाजा उसने एफआइआर करने से मना कर दिया था। वह सिर्फ चोर का नाम-पता जानना चाह रहा था। मोबाइल रिकवरी सेल ने एक मोबाइल बरामद कर लिया। जिससे मोबाइल मिला, उसका नाम बताने पर पीड़ित ने इन्कार कर दिया कि वह व्यक्ति चोर नहीं हो सकता।पीड़ित खुद ही एफआइआर को मना कर रहा था। किसी रिक्शा चालक से मोबाइल बरामद हुआ था। पुलिस उसे विश्वास में लेकर मोबाइल चोर तक पहुंचेगी। पीड़ित ने एफआइआर दर्ज न करने का आरोप लगाया है। जांच में अगर आरोप सिद्ध होता है तो दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश कुमार, एसएसपी

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