National Science Day : सी.वी.रमन ने विज्ञान के क्षेत्र में दिया ये अहम योगदान

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प्रेस24 न्यूज़ – Press24 News, KNMNइंटरनेट डेस्क। कलकत्ता के महान भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर चंद्रशेखर वेंकट रमन का जन्म मद्रास प्रेजीडेंसी (तमिलनाडु) में सात नवंबर 1888 को हुआ था। शिक्षा प्राप्त कर वे सरकारी नौकरी में लगे लेकिन उन्होंने 1917 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और इसके बाद कलकत्ता यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्य करने लगे। इसी के साथ उन्होंने कलकत्ता में इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस (आईएसीएस) में अपना शोध कार्य निरंतर जारी रखा। 

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विज्ञान के क्षेत्र में सी.वी. रमन ने जो योगदान दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने प्रकाश प्रकीर्णन पर गहन अध्ययन किया और इस तथ्य तक पहुंचे कि जब प्रकाश किसी पारदर्शी मैटेरियल से गुजरता है तो उस दौरान प्रकाश की तरंग दैर्ध्य में बदलाव दिखता है, सी.वी. रमन ने 28 फरवरी, 1928 को एस कृष्णन समेत अन्य वैज्ञानिकों के साथ मिलकर रमन प्रभाव की खोज की, इसी कारण इसे रमन प्रभाव या रमन इफेक्ट कहा जाता है। 

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इसके लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस महत्वपूर्ण खोज के लिए भारत सरकार द्वारा उन्हें 1954 में सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिया गया। सीवी रमन का 1970 में 82 साल की आयु में  निधन हो गया। इस खोज के सम्मान में 1986 से 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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