22 फरवरी : बस एक क्लिक में पढ़िए, दिनभर की 10 बड़ी खबरें

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प्रेस24 न्यूज़ – Press24 News, KNMNमोदी सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला, नदियों से पाकिस्तान जाने वाले अपने हिस्से का पानी रोकेगा भारत 

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि के तहत नदियों से अपने हिस्से का पानी पाकिस्तान जाने से रोकने का फैसला किया है। पुलवामा आतंकी हमले के हफ्ते भर बाद उन्होंने यह टिप्पणी की। हालांकि, एक अधिकारी ने बाद में स्पष्ट किया कि यह कोई नया फैसला नहीं है और जल संसाधन मंत्री सामान्य तौर पर वही दोहरा रहे हैं जो वह हमेशा कहते आए हैं। 

गडकरी ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने पाकिस्तान की ओर बहने वाले हमारे हिस्से के पानी को रोकने का फैसला किया है। हम पूर्वी नदियों की धारा को बदल देंगे और उसे जम्मू कश्मीर तथा पंजाब में अपने लोगों तक पहुंचाएंगे। पुलवामा आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर यह बात कही गई है।

14 फरवरी को हुए इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। भारत ने पाकिस्तान को दिए गये तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्ज़ा भी कुछ ही दिन पहले वापस लेने का फैसला किया था। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उसे अलग थलग करने की कूटनीतिक कोशिशें की जा रही हैं।

गडकरी के इस ट्वीट के बारे में जल संसाधन मंत्रालय की प्रभाारी सूचना अधिकारी नीता प्रसाद ने इस मुद्दे पर पूछे जाने पर कहा कि सिंधु संधि के बारे में ट्वीट (गडकरी का), कोई नया फैसला नहीं है। मंत्रीजी ने सामान्य तौर पर वही बात दोहराई है जो हमेशा कहते आए हैं। वे सिंधु के जल का पाकिस्तान जाने वाले भारत का हिस्सा मोड़ने की बात कर रहे हैं – और वह हमेशा से यह कहते आए हैं।

अधिकारियों ने कहा कि फैसले के वास्तविक क्रियान्वयन में छह साल तक का वक्त लग सकता है क्योंकि जल का प्रवाह रोकने के लिए 100 मीटर की ऊंचाई वाले बांध बनाने होंगे। उल्लेखनीय है कि 1960 की सिंधु जल संधि के तहत पश्चिम की नदियों-सिंधु, झेलम और चेनाब का जल पाकिस्तान को दिया गया जबकि पूर्वी नदियों – रावी, ब्यास और सतलुज का जल भारत को दिया गया।

गडकरी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि रावी नदी पर शाहपुर..कांडी बांध का निर्माण शुरू हो गया है। इसके अलावा यूजेएच परियोजना के जरिये जम्मू कश्मीर में उपयोग के लिए हमारे हिस्से के पानी का भंडारण होगा और शेष पानी दूसरी रावी व्यास लिक के जरिए अन्य राज्यों के बेसिन में प्रवाहित होगा। इसबीच, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर द्बारा फिलहाल नहीं उपयोग किए जा रहे फाजिल जल का इस्तेमाल पंजाब, हरियाणा और राजस्थान कर सकेगा। 

कश्मीरी छात्रों पर कथित हमलों पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए ये निर्देश



नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीरी छात्रों पर कथित रूप से हो रहे हमलों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्यों को निर्देश जारी किए है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और 11 राज्यों को कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों से इस बारे में अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश जारी किए है। 

इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के वकील तारिक अदीब की अर्जी दायर की ​थी। अपनी अर्जी में मेघालय के राज्यपाल तथागत राय के ट्वीट का हवाला भी दिया। राय ने ​कश्मीरी छात्रों का बहिष्कार करने की बात कही थी। इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिवों और 11 राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को शुक्रवार को निर्देश जारी किए कि वे पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद कश्मीरियों पर हमले, उनके प्रति उत्पन्न खतरे और उनके सामाजिक ​बहिष्कार के मामलों को रोकने के लिए शीघ्र एंव आवश्यक कदम उठाएं। 

इस मामले पर प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने की। इस पर इस पीठ ने कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों को भीड द्वारा लोगों की पीट पीट कर की गई हत्या के मामलों से निपटने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। वे अब कश्मीरी छात्रों पर कथित हमलों के मामलों को देखेंगे। 

सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय से कहा कि वह नोडल अधिकारियों का व्यापक प्रचार करे। ताकि इस प्रकार के मामलों का​ शिकार बनने वाले लोग उन तक आसानी से पहुंच सके। इसके बाद कहा कि मुख्य सचिवों, डीजीपी और दिल्ली पुलिस आयुक्त कश्मीरियों और अन्य अल्पसंख्यकों के प्रति उत्पन्न खतरे, उनके खिलाफ हमले, उनके सामाजिक बहिष्कार इत्यादि की घटनाएं रोकने के लिए शीघ्र एवं आवश्यक कार्रवाई करें।

दूसरी शिखर वार्ता के लिए डोनाल्ड ट्रम्प और किम जोंग उन करेंगे मुलाकात



वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन अगले सप्ताह वियतनाम के हनोई में बैठक करेंगे। ट्रम्प और किम 27 और 28 फरवरी को दूसरी शिखर वार्ता के लिए मुलाकात करेंगे। दोनों के बीच पहली बैठक 12 जून को सिंगापुर में हुई थी। यह बैठक उत्तर कोरिया के साथ अमेरिका के संबंधों में सुधार करने की ट्रम्प की कोशिश का हिस्सा थी। इसका मकसद उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण करना भी है।

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने एक कांफ्रेंस कॉल के दौरान संवाददाताओं से कहा कि दोनों नेता एक दूसरे से मुलाकात करेंगे, साथ भोजन करेंगे और अंतत: उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए उनके प्रतिनिधिमंडल विस्तृत बैठक करेंगे।

अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि दोनों पक्षों के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी है और राष्ट्रपति ट्रम्प इस शिखर वार्ता के माध्यम से इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि यह अंतिम लक्ष्य की ओर महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि कुछ पहलुओं पर किम के साथ जून में बात करने के बाद ट्रम्प उत्तर कोरिया से उसके भविष्य के बारे में विस्तार से बात करेंगे। वह उत्तर कोरिया से बात करेंगे कि यदि वह परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रतिबद्धता को पूरी तरह निभाता है तो उसका भविष्य कितना उज्ज्वल हो सकता है। इस बैठक में ट्रम्प के साथ अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और अन्य कई वरिष्ठ सहयोगी शामिल होंगे। 

भारत के दबाव से डरा पाकिस्तान, सीमा पर बढ़ाई चौकसी युद्ध की तैयारी की शुरू



इंटरनेट डेस्क: देश में पुलवामा हमले के बाद से भारत सहित कई देशों ने पाकिस्तान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है, ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भी बढ़ता ही जा रहा है, खबरों की माने तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ते दबाव के चलते और भारत की जवाबी कार्रवाई के डर से पाकिस्तान ने भी अपने स्तर पर युद्ध को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है इससे पहले आपकों बतादें की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को जहां प्रेस कांफ्रेस करके भारत से सबूत मांगे तो वहीं गुरुवार को नेशनल सिक्योरिटी कमिटी के साथ बैठक कर पाकिस्तानी सेना को भारत की ओर से होने वाले हमले को लेकर तैयार रहने को कहा है 

खबरों की माने तो  पाकिस्तान इस कदर डरा हुआ है कि उसने पाक अधिकृत कश्मीर और नियंत्रण रेखा  के आस.पास के गांवों में लोगों से सतर्क रहने की अपील भी कर दी है, इसके लिए खासतौर पर एडवाइजरी जारी की गई है, तो वही पाकिस्तान की और से सीजफायर उल्लघंन भी किया गया है पीओके के प्रशासन ने भारत के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए अपने अस्पतालों को एक नोटिस भी जारी कर दिया है, इसमें कहा गया है कि यदि पाकिस्तान और भारत के बीच किसी भी समय युद्ध जैसी स्थिती पैदा होती है तो अस्पताल मदद के लिए अपने आपकों तैयार रखें

एलओसी गांवों में सतर्क:  भारत के बढ़ते दबाव को देखते हुए पाकिस्तान ने भारत के साथ जंग की तैयारी शुरू कर दी है, ऐसे में गुरुवार को पीओके की सरकार ने एलओसी से लगे नीलम, झेलम, रावलकोट, हवेली, कोटली और भिंबर में यह एडवाइजरी जारी करने के निर्देश भी दिए हैं कि वो भारत की ओर से होने वाले हमले के लिए सतर्क रहें हमले के डर से लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने और समूह में न रहने की सलाह भी प्रशासन की और से दी गई है

दीपिका ने शेयर की रणवीर के बारे में ये बात, जिसे कोई नहीं जानता



मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह अपनी पत्नी दीपिका पादुकोण की पसंद के कपड़े पहनते हैं। रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की जोड़ी को दर्शक बेहद पसंद करते हैं। दोनो ने पिछले साल शादी की है। दीपिका ने शादी के बाद पहली बार रणवीर के बारे में एक ऐसी बात शेयर की है जो कोई नहीं जानता है।

रणवीर दीपिका से कितना प्यार करते हैं, ये तो हर कोई जानता है लेकिन ये कोई नहीं जानता की शादी के बाद वह एक अच्छे पति होने का फर्ज भी अच्छे से निभा रहे हैं। वह एक अच्छे हसबैंड की तरह अपने छोटे-मोटे फैसले दीपिका से पूछ कर ही लेते हैं। रणवीर से जब दीपिका से पहली मुलाकात के बारे में पूछ गया तो रणवीर ने बताया की कैसे पहली बार उन्होंने दीपिका को देखा और देखते ही रह गए।

दीपिका से रणवीर को लेकर सबसे चर्चित टॉपिक पर बात की गई। दीपिका ने बताया कि रणवीर कहीं भी जाने से पहले उन्हें कई सारी आउटफिट की फोटोज़ भेजते हैं, फिर वह उन्हें बताती हैं की क्या पहनना है। गौरतलब हैं कि वर्ष 2018 में रणवीर सिंह-दीप‍िका पादुकोण ने इटली के लेक कोमो में शादी रचाई थी।

शादी के बाद रणवीर सिंह, स‍िम्बा में नजर आए। मूवी ने बॉक्स ऑफ‍िस पर कमाई का जबदस्त र‍िकॉर्ड बनाया। इसके बाद रणवीर गली बॉय लेकर आ रहे हैं। दीप‍िका पादुकोण इन द‍िनों मेघना गुलजार की फिल्म ‘छपाक’ की तैयारी कर रही हैं. यह एसिड पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी है। फिल्म से दीप‍िका बॉलीवुड में बतौर प्रोड्यूसर एंट्री कर रही हैं। फिल्म के बारे में दीपिका ने कहा कि मैं ज्यादा खुलासा नहीं कर सकती। मैं सिर्फ इतना कह सकती हूं कि हमने तैयारी शुरू कर दी है। अगले महीने से फिल्म की शूटिंग शुरू होगी।

कंगना के साथ काम नहीं करना चाहते हैं अली अब्बास जफर!



मुंबई। बॉलीवुड के जाने माने निर्देशक अली अब्बास जफर, कंगना रनौत के साथ काम करना नहीं चाहते हैं। कंगना ने अपनी फिल्म मणिकर्णिका को लेकर उपजे विवाद के बाद पिछले दिनों जिस तरह फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह सबकी वाट लगा देंगी, एक-एक की पोल खोल कर रख देंगी। ऐसे में लगता है कि कई निर्माता- निर्देशकों ने कंगना से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। अली अब्बास जफर ने कहा है कि वह कंगना के साथ कभी भी कोई काम नहीं करेंगे।

अली अब्बास जफर और कैटरीना कैफ ने एक शो में शिरकत की जहां अली अब्बास जफर से जब ये सवाल किया गया कि ऐसी एक कौन सी अभिनेत्री हैं, जिनके साथ वह कभी काम नहीं करना चाहेंगे.. तो उन्होंने तुरंत ही जवाब दिया कंगना रनौत।बताया जा रहा है कि अली अब्बास जफर ने कंगना को अपनी फिल्म‘सुल्तान’में सलमान के अपोजिट अनुष्का शर्मा वाला रोल ऑफर किया था, लेकिन कंगना को अली द्वारा लिखा गया‘सुल्तान’का वह किरदार नहीं पसंद आया और उन्होंने फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया।

कंगना द्वारा‘सुल्तान’में काम करने से इनकार करने के बाद सलमान खान, निर्माता आदित्य चोपड़ा और अली अब्बास जफर एक साथ नाराज हो गए थे। अली ने उसी समय तय कर लिया था कि अब वह कभी भी कंगना के साथ काम नहीं करेंगे। अब जब‘मणिकर्णिका’का विवाद सामने आया तो लगता है कि अली ने फाइनली तय कर लिया कि कभी भी कंगना के साथ कोई भी काम नहीं करेंगे। 

भारत-पाक विश्व कप मुकाबले के लिए सीओए ने दिया ये बड़ा बयान



नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट का काम देख रही प्रशासकों की समिति (सीओए) ने पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप मुकाबले पर कोई भी फैसला नहीं लेने का निर्णय किया लेकिन कहा कि वह आईसीसी के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध करेगा कि ऐसे देश के साथ संबंध तोड़ दिए जाए जो आतंक का गढ़ हो।

पुलवामा आतंकी हमले के बाद ओल्ड ट्रैफर्ड में पाकिस्तान के खिलाफ 16 जून को होने वाले विश्व कप मुकाबले का बहिष्कार करने की बातें की जा रही हैं। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे। मैच के संबंध में बढ़ती अटकलबाजियों को खत्म करने के लिये हुई बैठक में सीओए ने इस मामले पर बातचीत की लेकिन अभी कोई फैसला नहीं किया है। 

सीओए प्रमुख विनोद राय ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि हमारी सरकार से बातचीत चल रही है। 16 जून को होने वाले मैच के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि हम आईसीसी को दो चितायें बतायेंगे। हम विश्व कप के दौरान खिलाड़ियों की और अधिक सुरक्षा के बारे में कहेंगे और क्रिकेट खेलने वाले देशों से कहेंगे कि ऐसे देश से रिश्ते तोड़ दें जो आंतक का गढ़ हो।

ऐसी भी रिपोर्ट आ रही थीं कि सीओए और बीसीसीआई शायद आईसीसी से 30 मई से इंग्लैंड में शुरू होने वाले विश्व कप से पाकिस्तान को बाहर करने की अपील भी कर सकता है। हालांकि इस तरह के कदम से भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि विश्व संस्था के नियमों में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है।

जो एक सदस्य को किसी अन्य सदस्य को बाहर करने की मांग करने की अनुमति दे। सीनियर आफ स्पिनर हरभजन सिंह और पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन जैसे भारतीय क्रिकेटरों ने इस मैच के बहिष्कार की मांग की थी। वहीं महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर की राय इनसे अलग है जिन्होंने कहा कि भारत को मैच का बहिष्कार करके पाकिस्तान को अंक नहीं देने चाहिए। उन्होंने हालांकि द्बिपक्षीय क्रिकेट संबंध जारी नहीं रखने की नीति पर कायम रहने की वकालत की थी। 

भारत को लगा करारा झटका, आईओसी ने किसी वैश्विक टूर्नामेंट की मेजबानी पर चर्चाएं स्थगित की 



लुसाने/नई दिल्ली। आईएसएसएफ विश्व कप के लिए पाकिस्तानी निशानेबाजों को वीजा देने से इनकार के बाद भारत की ओलंपिक या किसी अन्य वैश्विक टूर्नामेंट की मेजबानी की उम्मीद को करारा झटका लगा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने देश से इस तरह की सभी चर्चाओं को स्थगित करने के साथ सिफारिश की कि उसे कोई बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं दी जाए।

भारत ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद शनिवार से शुरू होने वाले विश्व कप के लिए पाकिस्तानी निशानेबाजों को वीजा देने से इनकार कर दिया। इस हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों की मौत हो गई थी। इसके परिणामस्वरूप आईओसी ने टूर्नामेंट में पुरूष 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा से हासिल किए जाने वाले दो ओलंपिक कोटे हटाने का फैसला किया।

हालांकि सबसे बुरा असर यह हुआ कि विश्व संस्था ने घोषणा की कि वह बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए भारत को चर्चाओं में शामिल नहीं करेगा। भारत 2026 युवा ओलंपिक, 2032 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक और 2030 एशियाई खेलों की मेजबानी करने की उम्मीद लगाए था। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) पहले ही 2032 खेलों के लिये आईओसी को मेजबानी की इच्छा भेज चुका है और 2026 की बोली लगाने की प्रक्रिया भी अगले साल शुरू होने की उम्मीद है।

आईओसी ने कहा कि देश के खिलाफ यह फैसला तब तक बरकरार रहेगा जब तक उन्हें भारत सरकार से लिखित में स्पष्ट गारंटी नहीं मिल जाती कि इस तरह की प्रतियोगिताओं में सभी प्रतिभागियों का प्रवेश ओलंपिक चार्टर के नियमों का पूर्ण पालन करते हुए किया जाएगा। आईओसी ने गुरूवार शाम को लुसाने में हुई कार्यकारी बोर्ड की बैठक के बाद कहा कि आईएसएसएफ विश्व कप में पैदा हुए हालात ओलंपिक चार्टर के मौलिक सिद्धांतों के खिलाफ हैं, विशेषकर भेदभाव नहीं करने के सिद्धांत।

इसके मुताबिक इसके परिणामस्वरूप, आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने भविष्य में भारत में खेलों और ओलंपिक संबंधित टूर्नामेंट की मेजबानी के लिये संभावित आवेदन के संबंध में भारतीय एनओसी और सरकार के साथ सभी चर्चाओं को निलंबित करने का भी फैसला किया है। विश्व संस्था ने अंतरराष्ट्रीय महासंघों से भी अनुरोध किया कि जब तक गारंटी नहीं मिल जाती, भारत को कोई खेल प्रतियोगिता नहीं दे और न ही यहां इनका आयोजन कराएं।

भारतीय ओलंपिक संघ ने इस पर अपनी लाचारी जाहिर की और कहा कि मौजूदा स्थिति देश में खेल के भविष्य के लिए अच्छी नहीं दिखती। आईओए महासचिव राजीव मेहता ने दिल्ली में पीटीआई से कहा कि हमने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की लेकिन अंत में सरकार को ही वीजा देने होते हैं। देश में सभी खेलों के लिये यह भयावह स्थिति है।

उन्होंने कहा कि भारत में टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं कर पाने के अलावा हमारे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने में भी समस्या आएगी। हम दोबारा सरकार से बात करेंगे ताकि हालात इस स्तर तक नहीं पहुंच जाएं। उन्होंने साथ ही कहा कि यह ओलंपिक चार्टर का उल्लघंन है और इससे देश की छवि भी खराब होगी।

अगर भारत सरकार 15 से 20 दिन के अंदर यह गारंटी नहीं देती है तो आईओसी से एक और पत्र आ सकता है। ओलंपिक की इच्छा के अलावा भारत के पास 2021 पुरूष विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के मेजबानी अधिकार हैं। पिछले साल भी देश को ऐसे ही विवाद का सामना करना पड़ा था जब महिला विश्व चैम्पियनशिप के दौरान कोसोवो की मुक्केबाज को वीजा नहीं दिया गया था और आईओसी ने शुक्रवार को आईओए को लिखे पत्र में इसका भी जिक्र किया। 

दास ने बैंकों से जानना चाहा कर्ज क्यों नहीं सस्ता किया जा रहा है



मुंबई। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को बैंक अधिकारियों के साथ मुलाकात की और नीतिगत ब्याज दर में कटौती के बाद बैंकों के कर्जों पर में कमी में देरी के कारणों पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक मभहद्रा बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक में हिस्सा लेने वाले एक अधिकारी ने कहा, ’’गवर्नर ने हमसे कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दरों में कटौती के साथ ही ब्याज दर को कम किये जाने की जरूरत है ताकि ग्राहकों को इसका फायदा मिल सके। बैठक में शिरकत करने वाले एक अन्य अधिकारियों ने अधिक विवरण दिये बगैर कहा कि बैठक के दौरान मौद्रिक नीति को प्रभावी तरीके से लागू किये जाने पर चर्चा हुई। 

उल्लेखनीय है कि आरबीआई के नीतिगत दरों में कटौती के बावजूद बैंक उस लाभ को आम ऋणधारकों तक पहुंचाने में पीछे रहे हैं। वे इसके लिए बड़े पैमाने पर गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के लंबित होने और अन्य कारकों का हवाला देते रहे हैं।

आरबीआई के नीतिगत दरों में कटौती के बाद केवल भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने ब्याज दरों में कमी की है और वह भी कुछ श्रेणी के ऋण पर। इन बैंकों ने भी आरबीआई द्वारा दी गयी राहत का पांचवां हिस्सा ही लोगों तक पहुंचाया। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समित ने सात फरवरी को रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कमी कर इसे 6.25 प्रतिशत पर ला दिया। 

एक बैक अधिकारी ने कहा, ‘हमने गवर्नर से कहा कि सम्पत्ति और देनदारी समिति की अगली मासिक समीक्षा बैठक में हम कर्ज पर ब्याज में बदलाव पर विचार करेंगे।’’ एक अन्य बैंक अधिकारी ने कहा कि आरबीआई विभिन्न मुद्दो पर चर्चा के लिए बैंकों के साथ एक और बैठक बुला सकता है।

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन मामूली घटत-बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार



मुंबई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन आज शुक्रवार को शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये मामूली घटत-बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबारी की समाप्ति पर जहां प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में गिरावट देखने को मिली वहीं निफ्टी में मामूली बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ। घटत-बढ़त के इस माहौल में कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 26.87 अंक यानि 0.075 प्रतिशत की गिरावट के साथ 35,871.48 के स्तर पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पचास शेयरों वाले निफ्टी में कारोबार की समाप्ति पर बढ़त देखने को मिली और ये 1.80 अंक यानि 0.017 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,791.65 के स्तर पर बंद हुआ।

गौरतलब है कि कल के कारोबार के दौरान शेयर बाजार सुबह गिरावट के साथ लाल निशान पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये बढ़त बनाते हुए हरे निशान पर बंद हुआ। कारोबार की शुरूआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ( बीएसई ) का तीस शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 8.66 अंक यानि 0.024 प्रतिशत की गिरावट के साथ 35,747.60 के स्तर पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये 142.09 अंक यानि 0.40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 35,898.35 के स्तर पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( एनएसई ) का पचास शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी कारोबार की शुरूआत में 2.60 अंक यानि 0.024 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,732.85 के स्तर पर खुला और कारोबार की समाप्ति पर ये 54.40 अंक यानि 0.51 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,789.85 के स्तर पर बंद हुआ।
प्रेस24 न्यूज़ – Press24 News, KNMN

 

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