आई लभ यू विभू…

0
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.


विवाह के वर्ष भर के अंदर ही पति युद्धभूमि से शव बन कर आता है, और शमशान जाती उसकी अर्थी पर उसका मुह निहार कर पत्नी कहती है, “आई लभ यू विभू, यू आर माई हीरो…” पति की अर्थी निकलती है, तो वह सैल्यूट कर कहती है “भारत माता की जय” उसके हृदय में पीड़ा का महासागर है पर उसकी पथराई आंखों में आंसू की एक बूंद नहीं। परिवार में अब कोई पुरुष नहीं बचा। बची है विधवा हो चुकी पत्नी और एक बूढ़ी माँ, और बची है पहाड़ सी जिंदगी… जीवन के इस लम्बे सफर पर साथ चलने वाला कोई नहीं, और इस तरह मजधार में छोड़ कर गया पति उसे हीरो लगता है। क्यों? इसी लिए न कि पति ने ऐसी मृत्यु पाई है जो केवल नायकों को ही मिलती है। मातृभूमि के लिए पति ने अपना जीवन दे कर मुक्ति पा ली है, पर पत्नी को मिला है कठिन एकांतवास… उसके बाद भी वह समर्पित है अपने प्रेम के प्रति, यह इस सृष्टि का सर्वश्रेठ समर्पण है। जानते हैं ग्यारह सौ वर्षों तक लगातार आक्रमण झेलने के बाद भी भारत विश्व के मानचित्र पर पूरी प्रतिष्ठा के साथ खड़ा क्यों है? भारत ऐसी ही वीरांगनाओ के कारण बचा हुआ है, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सिंदूर दिया है। भारत दीर्घायु इसी लिए है कि उसके लिए असंख्य निकिताओं ने अपना “विभूति” दान किया है। इस देश के राष्ट्रध्वज का केसरिया रंग केवल विभूति शंकर के रक्त का ही नहीं, निकिता के सिंदूर का भी है। महाभारत में राष्ट्रनिर्माता कृष्ण ने वीर अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के समक्ष नतमस्तक हो कर कहा था-यह राष्ट्र सदैव तुम्हारे वलिदान के आगे नतमस्तक रहेगा पुत्री! तुम्हारा त्याग ही इस राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव बना है। तब की उत्तरा और अब की निकिता में कोई अंतर नहीं। इनका त्याग ही इस राष्ट्र के उज्ववल भविष्य की नींव है। मैं कभी-कभी सोचता था कि भारत तो पुरुष का नाम है, फिर भारत “माता” कैसे गयी? अब लगता है कि निकिता कौल जैसी स्त्रियों के सम्मान में ही बुजुर्गों ने भारत को माता कहा होगा। सचमुच यह देश उन्हीं का है। प्रेमचन्द ने अपनी पहली कहानी “धरती का अनमोल रतन” में कहा है,” राष्ट्र के रक्षा के लिए किसी सैनिक द्वारा बहाया गया रक्त का अंतिम कतरा ही धरती का अनमोल रतन है” कैसे न कोई निकिता अपने विभूति को अपना हीरो कहे? भारत को स्मरण रखना होगा, हमारी स्वतन्त्रता निकिता कौल के सिंदूर की ऋणी है। इस देश की आत्मा निकिता कौल के प्रेम की ऋणी है। इस देश को नतमस्तक रहना होगा उसके समक्ष, राष्ट्र के लिए अपने रक्त की अंतिम बून्द को दान कर आये सैनिक को अपनी पथरा चुकी आँखों से देख कर प्रणाम करती स्त्री ही देवी है। सारा विश्व भारत के विरुद्ध हो जाय, पर जबतक यह धरती विभूति जैसे बेटे और निकिता जैसी बेटियाँ जनती रहेगी, तबतक किसी पाकिस्तान या चीन के बाप की सामर्थ्य नहीं कि वह भारत के “भ” को भी छू सके। ईश्वर! इस देश को तुमसे और कुछ नहीं चाहिए, बस निकिता और विभूति जैसों को भेजते रहना इस धरती पर… यह तस्वीर अपने पति के शव को सैल्यूट करती पत्नी एक भर का नहीं है, यह तस्वीर उस समर्पण की है जिसे भारत ने “प्रेम” कहा है। यह तस्वीर इस सदी की सर्वश्रेष्ठ तस्वीर है। निकिता! विभू थे तो केवल आपके ही, पर आज सारा देश उनसे प्यार करता है। आप इस देश को यह अधिकार भी दे दीजिये कि हम सब पूरे गर्व के साथ कह सकें, “आई लभ यू विभू, यू आर माई हीरो..”सर्वेश तिवारी श्रीमुखगोपालगंज, बिहार।

Source link

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

You might also like More from author

Comments

Loading...
%d bloggers like this: