मोगा में शहीद जयमल सिंह के अंतिम संस्कार में कैबिनेट मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू को पहुंचना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे

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पंजाब के मोगा में शहीद जयमल सिंह के अंतिम संस्कार के दौरान पंजाब के किसी भी कैबिनेट मंत्री के न पहुंचने को लेकर विवाद खड़ा हो गया. दरअसल, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार देर रात एक प्रेस रिलीज जारी करके जानकारी दी थी कि उन्होंने पंजाब के शहीद हुए 4 जवानों के अंतिम संस्कार के कार्यक्रम के दौरान पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है, जो कि अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहेंगे. मोगा में शहीद जयमल सिंह के अंतिम संस्कार के लिए पंजाब के कैबिनेट मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू की ड्यूटी लगाई गई थी और इस बारे में स्थानीय विधायक को और स्थानीय डीसी और प्रशासन को उनके आने की जानकारी भी दी गई थी, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू शहीद जयमल सिंह के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे और मोगा ना आकर वो लुधियाना में नगर निगम के कार्यक्रम में पहुंचे जहां पर उन्होंने नगर निगम के कामों को लेकर कई ग्रांट जारी की. इस दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने मीडिया से भी बात की लेकिन शहीद के अंतिम संस्कार में ना जाकर पहले वो नगर निगम के कार्यक्रम में पहुंच गए. अपने बयान पर कायम हैं सिद्धू नवजोत सिंह सिद्धू ने लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उन्होंने जो बयान दिया था कि आतंकवाद का कोई मजहब या देश नहीं होता उसे गलत तरीके से पेश किया गया और उनके बयान की सिर्फ एक ही लाइन दिखाई जा रही है जबकि अगर उनका पूरा स्टेटमेंट सुना जाए तो उन्होंने कहा कुछ और था जिसका मतलब गलत तरीके से दिखाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 4 आतंकियों की हरकत से दोनों देशों के बीच और दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच शुरू हुआ बातचीत, विकास की बात या करतारपुर कॉरिडोर को खोलने का जो प्रयास शुरू हुआ है वो बंद नहीं किया जाना चाहिए. शहीद के परिजन बोले- फॉर्मेलिटी करने आए थे सिद्धू लुधियाना के बाद नवजोत सिंह सिद्धू मोगा पहुंचे, लेकिन मोगा में शहीद के परिवार से मुलाकात करने से पहले नवजोत सिंह सिद्धू अपने महकमे के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंच गए. शहीद के अंतिम संस्कार के करीब 3 घंटे बाद नवजोत सिंह सिद्धू शहीद के घर पर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की, लेकिन ये मुलाकात सिर्फ एक रस्म अदायगी से ज्यादा कुछ नहीं थी. शहीद जयमल सिंह के परिवार में उनके पिता और भाई ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू सिर्फ एक फॉर्मेलिटी करने के लिए उनके पास पहुंचे थे और नवजोत सिंह सिद्धू को अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहिए था. सवाल टाल गए डीसी स्थानीय प्रशासन और स्थानीय कांग्रेस के विधायकों ने माना कि नवजोत सिंह सिद्धू को इस कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन वो नहीं पहुंच सके. स्थानीय डीसी ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू कोहरे की वजह से अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि नवजोत सिंह सिद्धू लुधियाना में अपने महकमे के कार्यक्रम में शामिल हुए लेकिन मोगा पहुंचने में उन्हें आखिरकार क्या परेशानी हो गई तो मोगा के डीसी सवाल को टाल गए. कांग्रेस विधायक ने लगाया ये आरोप कांग्रेस के स्थानीय विधायकों दर्शन बराड़ और हरजोत मान ने कहा कि मीडिया इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है और नवजोत सिंह सिद्धू परिवार से मिलने आ रहे हैं और अंतिम संस्कार में किन्ही कारणों से शामिल नहीं हो सके. हालांकि उनके अंतिम संस्कार में आने का कार्यक्रम था, लेकिन इस सवाल का उनके पास जवाब नहीं था कि जब केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल दिल्ली से मोगा में शहीद जयमल सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंच सकती हैं तो आखिरकार चंडीगढ़ से नवजोत सिंह सिद्धू मोगा क्यों नहीं पहुंच पाए. आम आदमी पार्टी ने सिद्धू पर साधा निशाना वहीं आम आदमी पार्टी ने भी नवजोत सिंह सिद्धू को नसीहत दी कि वो पहले ये तय कर लें कि उनके लिए पाकिस्तान में बैठा उनका दोस्त इमरान खान जरूरी है या फिर देश. आम आदमी पार्टी के पंजाब के प्रधान भगवंत मान ने शहीद के परिवार से मुलाकात करने के बाद कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू को ये देखना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश शहीद परिवारों के साथ खड़ा है. सबको पता है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी ही लगातार भारत में इस तरह की के आतंकी हमले कर रहे हैं, ऐसे में नवजोत सिंह सिद्धू इस तरह की बात कर रहे हैं जैसे वो पाकिस्तान सरकार के प्रवक्ता हो और जो बात पाकिस्तान को अपने बचाव में करनी चाहिए, वो नवजोत सिंह सिद्धू की तरफ से कहीं जा रही हैं

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