वेब मीडिया को सूचना तंत्र से बाहर रखना विचारों की हत्या करने जैसा है

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बस्तीः न्याय मार्ग स्थित मीडिया दस्तक कार्यालय में वेब मीडिया के संचालकों की बैठक हुई जिसमें न्यूज पोर्टलों और संवाद समितियों के संचालकों ने हिस्सा लिया। बैठक में सूचना विभाग द्वारा उक्त माध्यमों और इससे जुड़े पत्रकारों की अनदेखी किये जाने पर विस्तार से चर्चा हुई।मीडिया दस्तक के संपादक अशोक श्रीवास्तव ने कहा पूरे देश को डिजिटल इण्डिया का सपना दिखाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में वेब मीडिया की अनदेखी समझ से परे है। उन्होने कहा वेब मीडिया को भी सम्मानजक स्थान दिलाने तथा सूचना विभाग में सूचीबद्ध किये जाने के लिये एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। इसके लिये राष्ट्रीय स्तर का संगठन खड़ा करने की जरूरत है। तहकीकात समाचार के संपादक विश्वपति वर्मा ‘सौरभ’ ने कहा कि वेब मीडिया की बढ़ती लोकप्रियता ने सभी को हैरान किया है। एक साजिश के तहत इससे जुड़े पत्रकारों पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। यही कारण है कि सूचना विभाग में इनकी अनदेखी हो रही है और वीआईपी कार्यक्रमों के लिये पास नही जारी किये जाते हैं। इसमें भी दोहरे मापदण्ड अपनाये जाते हैं जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।बीएनटी लाइव के संपादक राजेश पाण्डेय ने कहा कि वेब मीडिया की आवाज को एक साजिश के तहत दबाया जा रहा है। बैठक में सर्वसम्मति से एक संगठन बनाया गया जिसका नाम वेब मीडिया एसोसियेशन रखा गया। इसी नाम से एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया। अशोक श्रीवास्तव को वेब मीडिया एसोसियेशन का संयोजक नियुक्त किया। शनिवार 16 फरवरी को दिन में 1.00 बजे जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया। राजेश पाण्डेय के प्रस्ताव पर सभी ने अंशदान देकर संगठन का कोष बनाया जिसकी जिम्मेदारी दिनेश कुमार पाण्डेय को दी गयी। इस अवसर पर अरूणेश श्रीवास्तव, अनिल कुमार श्रीवास्तव, सुशील प्रताप सिंह, राकेश त्रिपाठी, अनूप मिश्रा आदि मौजूद रहे।

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