शिव-पार्वती के प्रतीक के रूप सदियों से अमरनाथ गुफा में रह रहा है कबूतर का ये जोड़ा

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प्रेस24 न्यूज़ – Press24 News, KNMNधर्म डेस्क। अमरनाथ गुफा में भगवान शिव साक्षात विराजमान हैं और यहां पर उनका बर्फ से बना हुआ शिवलिंग स्थापित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस गुफा में शिव के साथ दो कबूतर भी रहते हैं और ये कबूतर सदियों से यहां पर रह रहे हैं और ये शिव पार्वती का प्रतीक हैं। ये कबूतर का जोड़ा यहां पर क्यों रह रहा है, इसके बारे में एक बहुत ही रोचक कथा है आइए जानते हैं इस कथा के बारे में……………….

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पौराणिक कथा के अनुसार, जब एक बार माता पार्वती ने भोलेनाथ से उनके स्वरूप और अजर-अमर होने के रहस्य के बारे में पूंछा तो भगवान शिव ने इस रहस्य को बताने से पहले तो मना किया लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि इसके लिए पार्वती को उनके साथ किसी ऐसे स्थान पर जाना होगा जहां पर उन दोनों के ​अलावा कोई न हो। पार्वती ने भोलेनाथ के साथ जाने को तैयार हो गईं। ​भगवान शिव किसी एकांत स्थान की तलाश में पार्वती को लेकर निकल पड़े और सबसे पहले उन्होंने पहलगाम में नंदी को छोड़ा, इसके बाद उन्होंने चंदनवाड़ी में अपने मस्तक के चंद्रमा को त्यागा, ​शीश पर विराजमान गंगा को पंचतरणी में और गले के सांपों को शेषनाग पडाव पर छोड़ा।



अमरनाथ के गणेश टॉप पर उन्होंने अपने पुत्र गणेश को छोड़ा और इस प्रकार सभी चीजों का त्याग कर भोलेनाथ ने पार्वती के साथ अमरनाथ गुफा में प्रवेश किया। इस गुफा में जाकर भगवान शिव ने पार्वती को अपने स्वरूप और अजर-अमर होने के रहस्य के बारे में बताना प्रारंभ किया। जब भगवान शिव पार्वती को रहस्य बता रहे थे उस समय वहां पर कबूतर का एक जोड़ा था जिस पर भोलेनाथ की नजर नहीं पड़ी।

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इसी कारण कबूतर के उस जोड़े ने भगवान शिव के गूढ़ रहस्य की कथा सुनी। जब कथा पूरी हुई तो शिवजी ने देखा की पार्वती को कथा सुनते-सुनते निंद्रा आ गई और इसी कारण वे उनके रहस्य को जान न सकीं। वहीं उनकी नजर गुफा के कबूतर के जोड़े पर पड़ी और वे उन्हें देखकर क्रोधित हो गए। जैसे ही शिवजी ने क्रोध में आकर कबूतर के जोड़े को मारने का निर्णय लिया वैसे ही कबूतरों ने शिव जी से प्रार्थना की कि हमने आपकी अमर कथा सुनी है, यदि आप हमें मार देंगे तो आपकी कथा झूठी हो जाएगी।



भगवान शिव को कबूतर के जोड़े पर दया आ गई और शिव ने उन्हें आ​र्शीवाद दिया कि वे हमेशा इस गुफा में शिव और पार्वती के प्रतीक के रूप में रहेंगे और माना जाता है कि तब से लेकर अब तक कबूतर का ये जोड़ा अमरनाथ गुफा में रह रहा है। लोगों कि मान्यता है कि ​हर किसी को इस कबूतर के जोड़े के दर्शन नहीं होते हैं। भगवान शिव जिसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसे दर्शन देना चाहते हैं उसी इंसान को अमरनाथ गुफा में कबूतर का ये जोड़ा दिखाई देता है। 

(ये सभी जानकारियां शास्त्रों और ग्रंथों में वर्णित हैं, लेकिन इन्हें अपनाने से पहले किसी विशेष पंडित या ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें।)

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