मुसहर बस्ती के 9 परिवारों को मिला छत मेजा के जेवनिया गांव में बसाई जा रही कॉलोनी

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मेजारोड (प्रयागराज)के प्रधान रुचि तिवारी के साथ पति अधिवक्ता अभिषेक तिवारी (टिंकू) के सार्थक प्रयास और सहयोग से आज जेवनिया की मूसहर बस्ती आकार लेती नजर आ रही है। ग्राम प्रधान और प्रदेश सरकार की इस कोशिश से अब उपेक्षित समुदाय के पास अब अपनी छत होगी। विधानसभा मेंजा के जेवनिया गांव में मुख्य बस्ती से कुछ दूरी पर 30/32 परिवार की एक मुसहर बस्ती जो आजादी के बाद इस देश में क्या कुछ नहीं बदला देखा जाए तो बदला नहीं इस कुनबे कि तकदीर और तस्वीर। जूठन काठन के सहारे अपना पेट पालना और प्लास्टिक की पन्नी की झोपड़ी में प्रकृति की मार झेलते मुसहर जाति के कुछ पीढ़ियां दुनिया छोड़ गई। विकास की बात तो दूर की अपने को अछूत मानकर बस्ती की तरफ कभी रुख नहीं करते।आजाद हिंदुस्तान में कई सरकारें आई और चली गई लेकिन इस कुनबे के बारे में आज तक किसी ने नहीं सोचा। पंचायत सेवा के लिए मजबूत इरादों की जरूरत होती है। जेवनिया गांव की सबसे कम उम्र की प्रधान रुचि तिवारी ने मुसहर बस्ती के सर्वांगीण विकास से इसे सिद्ध कर दिखाया। उक्त गांव में अब बिजली, सड़क और पानी के लिए हैंडपंप है।अब तो उनके पास अपनी खुद की एक छत भी होगी। प्रधान बनने के साथ रुचि तिवारी ने गांव के मान-सम्मान के बाद उन्हें भी प्रत्येक खुशी दी। प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक ने प्रशासन के साथ इनके साथ दिवाली मनाई और रजाई,कंबल,साड़ी और कपड़े देकर इनको जीने का मतलब समझाया और इनको मतदाता सूची से जोड़कर सरकारी योजनाओं के लिए पात्र बनाया गया।प्रत्येक त्यौहार पर इस कुनबे के साथ मिठाई खिलाकर इनके भीतर छिपी हीन भावना को समाप्त किया। प्रधान पति अधिवक्ता अभिषेक तिवारी के सहयोग से मुख्यमंत्री आवास योजना की स्वीकृति मिली। वैसे तो कुल 32 परिवारों के लिए प्रस्ताव दिया गया था लेकिन 9 परिवारों को ही मंजूरी और धन अवमुक्त किया गया। वेवा पन्ना (85)आवास पाकर बेहद खुश नजर आई,पन्ना ने लड़खड़ाती जुबान से प्रधान रुचि तिवारी को बार-बार आशीर्वाद दिया।आवास पाकर सामदेई (66) ने कहा कि हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारा भी पक्का मकान होगा। शीला (48), गेंदा (45), सावित्री (48) आदि कुल 9 महिलाओं ने प्रधान की जय जयकार कर रही हैं,और इनको भी एक नई दिशा और नई सोच के साथ आगे बढ़ने का मौका प्रधान जेवनिया के बदौलत मिल गया।रिपोर्टर:-आशीष शुक्लाप्रयागराज

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