‘हाउज द जोश…महज डायलॉग नहीं, एक इमोशन बन चुका है

0
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.


‘हाउज द जोश…’ हाल ही में प्रदर्शित ‘उरी’ फिल्म का यह डायलॉग धूम मचा रहा है। भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्यों से लेकर देश के प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य तक इसे विभिन्न स्थानों या अवसरों पर दोहराते सुनाई दे रहे। देशवासियों में नया जोश भर गया है। सोशल मीडिया पर डायलॉग वायरल हो चुका है। न्यूजीलैंड पर 4-1 की ऐतिहासिक जीत के बाद जब बीसीसीआइ ने ट्विटर पर लिखा, ‘लुक्स लाइक द जोश इन द स्क्वाड इज हाई सर…हाउज द जोश।’ तो तत्काल जवाब आया…’हाई सर’। लोगों द्वारा मिल रहे इस प्यार से विक्की भावुक हो गए हैं। फैन्स को धन्यवाद देते हुए, इंस्टाग्राम पर लिखते हैं, ‘अब यह महज डायलॉग नहीं, एक इमोशन बन चुका है, जो बहुत खास है।हर रोज लोग मुझे हाउज द जोश के वीडियोज भेज रहे हैं। स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स, ऑफिस गोअर्स, भीषण ठंड झेल रहे लोगों से लेकर कैफे और जिम से भी प्यार भरे मैसेज आ रहे।’ विक्की को संदेश भेजने वालों में सेना के जवान से लेकर, 2 वर्ष का बच्चा और 92 साल के बुजुर्ग भी शामिल हैं। यहां तक कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी इस डायलॉग को दोहराने से खुद को रोक नहीं पाए हैं। पणजी में अटल सेतु के उद्घाटन समारोह में पर्रिकर ने जब कहा हाउज द जोश…तो लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिवादन किया। इतना ही नहीं, संसद में अंतरिम बजट पेश करते समय वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल के इसकी चर्चा करते हुए सदन में ‘हाउज द जोश’ के नारे गूंज उठे थे।दरअसल, हिंदी सिनेमा का हमेशा से आम भारतीयों के दिलो-दिमाग पर गहरा असर रहा है। विशेषकर फिल्म की पटकथा और संवाद लंबे अर्से तक दर्शकों के जहन में रहते हैं। वे न सिर्फ दिलों को छूने, भावनाओं को झकझोरने या गुदगुदाने में कामयाब होते हैं, बल्कि समाज को कोई न कोई संदेश भी दे जाते हैं। जैसे, 2016 में आई अमिताभ बच्चन और तापसू पन्नू अभिनीत फिल्म ‘पिंक’ का डायलॉग…’नो मीन्स नो’ भी बेहद लोकप्रिय हुआ था। इस एक डायलॉग ने समाज को कई गंभीर मुद्दों पर सोचने को विवश कर दिया था। इसको आधार बनाकर कैम्पेन तक चले थे। कुछ ऐसे ही 1993 में फिल्म ‘दामिनी’ के कोर्ट रूम सीन में सन्नी देओल का एक लंबा संवाद…’तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख मिलती रही है…लेकिन इंसाफ नहीं मिला माय लॉर्ड…मिली है तो सिर्फ यह तारीख…’ वर्षों तक लोगों की जुबान पर चढ़ा रहा था। आज भी इसे भुलाया नहीं जा सका है।

Source link

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

You might also like More from author

Comments

Loading...
%d bloggers like this: