अफगान राष्ट्रपति ने तालिबान से सरकार के साथ गंभीर वार्ता शुरु करने का आह्वान किया

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काबुल। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने सोमवार को तालिबान से सरकार के साथ गंभीर वार्ता शुरु करने का आह्वान किया। पिछले हफ्ते कतर में तालिबान चरमपंथियों और अमेरिका के बीच अप्रत्याशित तौर पर लंबी बातचीत हुई थी।

तालिबान को अफगान सरकार के साथ वार्ता के लिए राजी करने की अमेरिका की महीनों तक चली कोशिश के बाद कतर के दोहा में उसकी (अमेरिका की) तालिबान के साथ छह दिनों तक बातचीत चली। हालांकि तालिबान पहले ही 17 साल के संघर्ष के समापन के वास्ते गनी सरकार से बातचीत करने से इनकार कर चुका है और उसने इस सरकार को कठपुतली करार दिया है।

गनी ने राष्ट्रपति महल से टीवी पर प्रसारित अपने भाषण में कहा कि मैं तालिबान से…अपनी इच्छा दिखाने और अफगानों की शांति की मांग स्वीकार करने एवं अफगान सरकार के साथ गंभीर वार्ता शुरु करने का आह्वान करता हूं। अमेरिका और तालिबान ने (वार्ता में) तरक्की का हवाला दिया और अब आस जगी है कि अप्रत्याशित तौर से लंबी वार्ता का मतलब अफगान शांति का मार्ग प्रशस्त करने वाला करार सामने आ सकता है।

हालांकि कुछ बिदुओं पर विवाद बना हुआ है। उनमें संघर्षविराम, विदेशी सैनिकों की वापसी की समयसीमा, कैदियों की अदला-बदली और आतंकवादियों के पनाहगाह को नहीं चलने देने की अनुमति जैसे विषय एजेंडे में रहे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका की सबसे लंबी लड़ाई के समापन की स्पष्ट इच्छा भी चर्चा में प्रमुखता से छायी रही।

इससे पहले अफगान प्रशासन ने कतर की लंबी वार्ता से उसे दूर रखने की शिकायत की थी और चेतावनी दी कि अमेरिका और तालिबान के बीच किसी भी समझौते पर काबुल की हामी की जरुरत होगी। गनी ने सोमवार को अपने भाषण में कहा कि हम शांति चाहते हैं लेकिन हम जल्दी चाहते हैं और हमारी यह भी इच्छा है कि ऐसा एक योजना के तहत हो।

उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इस युद्ध में हताहत लोग अफगान हैं और शांति प्रक्रिया अफगानों की अगुवाई में हो, कोई भी अफगान नहीं चाहता है कि विदेशी सैनिक अनिश्चितकाल तक सेना उसके देश में रहे। कोई भी अफगान अस्पतालों, स्कूलों, मस्जिदों और पार्कों में आत्मघाती हमला नहीं चाहता है।गनी के इस भाषण से कुछ घंटे पहले उनके कार्यालय ने कहा था कि अमेरिका ने आश्वासन दिया है कि तालिबान के साथ उसकी वार्ता अफगान सरकार के साथ शांति वार्ता की राह आसान बनाने पर केंद्रित थी।

अमेरिका के विशेष दूत जालमय खलीलजाद राष्ट्रपति गनी समेत अफगान अधिकारियों को कतर में तालिबान प्रतिनिधियों के साथ छह दिन की वार्ता के बारे में जानकारी देने के लिए रविवार शाम अफगानिस्तान पहुंचे। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक बयान में खलीलजाद ने कहा कि तालिबान के साथ वार्ता में अमेरिका ने इस बात पर जोरदिया कि अफगानिस्तान में स्थायी शांति के लिए एकमात्र समाधान देश के अंदर के संबंधित पक्षों के बीच वार्ता से निकलेगा।

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