आजम खां, पत्नी तजीन फातिमा और बेटा अब्दुल्ला आजम पर धोखाधड़ी का मुकदमा

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रामपुर । जलनिगम भर्ती घोटाले समेत कई संगीन आरोपों से घिरे सपा सरकार के पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब आजम खां, उनकी सांसद पत्नी तजीन फातिमा और बेटा अब्दुल्ला आजम पर रामपुर के थाना गंज में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ मामले को लेकर भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने 20 दिसंबर को ग्रह सचिव से शिकायत की थी। तीनों पर धोखाधड़ी का गंभीर आरोप है। दो जन्म प्रमाण पत्र रखने का आरोप शिकायत में आजम खान के बेटे अब्दुल्ला पर दो जन्म प्रमाण पत्र रखने का आरोप लगाया गया था। जिसकी जांच पूर्ण होने पर और सही पाए जाने पर आज थाना गंज में आजम खान, उनकी सांसद पत्नी तजीन फात्मा और विधायक बेटे अब्दुल्ला पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। ध्यान रहे कि भाजपा के लघु उद्योग प्रकोष्ठ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संयोजक आकाश कुमार सक्सेना का कहना है कि आजम खां ने अपने बेटे अब्दुल्ला के रामपुर व लखनऊ से दो अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्र बनवाये हैं। इनके जरिये अब्दुल्ला के दो पासपोर्ट बनवाये गये हैं।इसके पीछे गहरी साजिश है। आकाश ने आरटीआइ के जरिये अहम साक्ष्य भी जुटाये। पूरे प्रकरण में नगर पालिका व पासपोर्ट विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी कठघरे में थी। आकाश की शिकायत पर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच एसपी रामपुर को सौंपी थी। एक बार रामपुर फिर लखनऊ में जन्मे सक्सेना ने आरोप लगाया था कि आजम खां ने अपने बेटे अब्दुल्ला के खिलाफ मुकदमे में हाई कोर्ट को गुमराह करने तथा जौहर विश्वविद्यालय में अनैतिक रूप से लाभ देने की दृष्टि से उसके दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाये। एक जन्म प्रमाणपत्र 28 जून 2012 को रामपुर की नगर पालिका परिषद से जारी हुआ, जिसमें अब्दुल्ला का जन्म स्थान रामपुर दर्शाया गया है। इसे बनवाने के लिए आजम खां व उनकी पत्नी तंजीन ने शपथ पत्र लगाया। दूसरा जन्म प्रमाणपत्र 21 जनवरी 2015 को लखनऊ नगर निगम से जारी हुआ, जिसमें अब्दुल्ला का जन्म स्थान लखनऊ दर्शाया गया।दो पासपोर्ट भी बनवाए प्रमाण पत्र बनवाने के लिए क्वीन मैरी हास्पिटल का जन्म प्रमाणपत्र भी इस्तेमाल किया गया, जिसमें जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 अंकित है। आरोप है कि रामपुर में बने जन्म प्रमाणपत्र का प्रयोग कर अब्दुल्ला ने अपना पहला पासपोर्ट बरेली से बनवाया था, जिसमें उनकी जन्मतिथि एक जनवरी 1993 दर्ज कराई गई। इस पासपोर्ट की वैद्यता 2022 तक थी। इसके बावजूद अब्दुल्ला ने दूसरे जन्म प्रमाणपत्र के जरिये जन्म स्थान व जन्म तिथि बदलकर दूसरा पासपोर्ट 2018 में बनवाया था। आकाश का कहना है कि दस्तावेजों में कई खेल हैं। अब्दुल्ला का जन्म लखनऊ के जिस अस्पताल में होना बताया गया, उसका प्रमाणपत्र 21 अप्रैल 2015 को जारी हुआ, जबकि लखनऊ नगर निगम ने बिना किसी प्रमाण के जन्म प्रमाणपत्र 21 जनवरी 2015 को ही जारी कर दिया था।

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