नागा साधुओं की इन बातों से आप होंगे अनभिज्ञ, तो जानिए कुछ रहस्यमीय बातें…!

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प्रेस24 न्यूज़ – Press24 News, KNMNइंटरनेट डेस्क। नमस्कार दोस्तों, जैसा की आप सभी जानते हैं कुंभ या महाकुंभ मेला शुरू हो चुका है, यह मेला हर तीन वर्ष में एक बार गंगा किनारे भरता हैं। क्या आप जानते हैं यहां पर आने वाले नागा साधुओं के बारे में…अगर नहीं जानते हैं तो आज हम आपको नागा साधुओं के बारे में कुछ रहस्यमीय बातें बताते है, जिन्हे जानकर आप भी चौक जाएंगे।

चलिए जानते हैं वे बातें… आपको बता दें कि कुंभ या महाकुंभ देश में कुछ जहां भी आयोजित होते हैं इस स्थानों पर आने वाले सभी लोग स्नान, दान और साधु संतों की बातें करते हैं। साधु-संतों से उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इन्हीं साधुओं में एक आस्था का केंद्र होते हैं नागा साधु, जी हां नागा साधुओं का कुंभ में एक अलग और विचित्र दृष्टिकोण होता है।

नागा साधुओं को सदियों से हैरत से देखा जाता है और रहस्यमयी माना जाता है। नागा साधुओं की वेशभूषा उनका रहन-सहन, क्रियाकलाप, हर किसी को बहुत ही हैरान करने वाली होती है। लेकिन एक आम व्यक्ति के मन में उन्हें लेकर कई सवाल होते हैं, जैसे उनकी साधना, उसके श्रृंगार उनकी जीवशैली और कई अन्य सवाल। इनके बारे में शायद ही कोई जानता हो, लेकिन उत्सुकता सब के मन में होती है जानने की। 

अगर बात की जाएं तो नागा साधुओं की तो यह बात आप जान लें, नागा साधु अपनी बात पर अटल रहते है, वे गुरुजनों की सेवा में आगे रहते है। उनके लिए ध्यान-साधना के साथ ही गुरु सेवा भी विशेष महत्व रखती है। कुंभ या महाकुंभ में अखाड़ों और नागा साधुओं के वैभव का नजारा बहुत ही अच्छा होता है। 

नागा साधु केवल भगवान शिव को मानते हैं, वे उनके लिए तपस्या करते हैं, वे शिव के बहुत बडे भक्त होते हैं। संन्यासी अखाड़ों से जुड़े अधिकांश नागा साधु आम इंसान से दूर हिमालय की चोटियों, गुफाओं, अखाड़ों के मुख्यालय, और मंदिर आदि में अपनी धूनी जमाकर तपस्या करते हैं।

अगर बात करें उनकी वरीयता की, तो वह पूरी तरह से वासना और इच्छाओं से मुक्त रहते है, फिर साधक को नागा साधुओं की दीक्षा दी जाती है, उसके बाद वरीयता के आधार पर पदभार मिलता है- जिसमें कोतवाल, बड़ा कोतवाल, महंत, सचिव आदि पद होते हैं।

वैसे तो हर बात नागा साधुओं की खास होती हैं, लेकिन सबसे अहम बात यह कि नागा साधु सूर्य उदय से पहले स्नान आदि कर लेते है, उसके बाद वे अपने शरीर पर श्रृंगार करते हैं। उनके श्रृंगार की सामग्री है,  भभूत, रुद्राक्ष, कुंडल आदि। उनके पास  त्रिशूल, डमरू, तलवार, चिमटा, चिलम आदि सामान हर वक्त साथ रहता हैं।
प्रेस24 न्यूज़ – Press24 News, KNMN

 

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