विधानसभा से करण दलाल का निलंबन हुआ वापस, हाई कोर्ट के नोटिस के बाद बैकफुट पर आई सरकार..

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पलवल/विक्रम वशिष्ठ
विधानसभा से निकम्मी सरकार और विपक्ष की मिलीभगत से मेरे एक साल के निलंबन के तानाशाही फैसले को हाई कोर्ट के नोटिस करते ही विधानसभा ने फैसले को वापस लेकर इनके मुंह पर करारा तमाचा जड़ा और मुझे आज के शीतकालीन सत्र में शामिल होने की अनुमति प्रदान की।
मुझे पलवल की जनता की तकलीफों और हरियाणा के गरीब जन से जुड़े हर मुददे को जोर-शोर से उठाने का हक प्रदान किया गया।
यह कहना है पलवल के कोंग्रेसी विधायक और वरिष्ठ विधानसभा सदस्य करण दलाल का। उन्होंने सोशल मीडिया में अपने निलंबन वापसी के फैसले पर प्रतिक्रिया करते हुए इन शब्दों का उपयोग करते हुए अपने दिल की अपने मन की बात कही।
उन्होंने कहा पलवल की जनता के साथ सौतेला व्यवहार ना कभी बरदाश्त किया और ना ही कभी करेंगे। यह जीत पलवल की जनता और हरियाणा के शरीफ, गरीब व न्यायपसन्द लोगों की जीत है।
उल्लेखनीय है पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने कल ही सदन से निलंबित दलाल की याचिका पर गुरुवार को हरियाणा विधानसभा के सचिव को नोटिस जारी किया था । पलवल से पांच बार के कांग्रेस विधायक ने अदालत में याचिका दायर कर अपना निलंबन हटाने का अनुरोध किया था ताकि वह हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय शीतकालीन सत्र में भाग ले सकें। सदन की बैठक शुक्रवार को होनी है। अदालत ने विधानसभा सचिव से इस मामले में शुक्रवार तक जवाब देने को कहा था। दलाल ने अपनी याचिका में अनुरोध किया था कि उनके निलंबन के संबंध में विधानसभा में पारित प्रस्ताव ‘‘गैरकानूनी और मनमाना है’’ और हरियाणा विधानसभा में कामकाज की नियम एवं प्रक्रिया के नियम 104बी(2) के विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें निलंबित करने का फैसला गलत मंशा से लिया गया। सदन में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला के साथ अभद्र व्यवहार करने के कारण 11 सितंबर को उन्हें एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया था।
वहीं आज शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने कांग्रेस नेता करण दलाल का निलंबन रद्द कर दिया। करण दलाल के निलंबन पर कोर्ट ने गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी किया था।
उधर हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। किसानों के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। सत्तापक्ष और विपक्ष की जमकर जिरह हुई। इसके बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से सवाल पूछा कि क्या उनकी सरकार किसानों का कर्ज माफ करेगी? इस मुद्दे पर सीएम ने जब कोई जवाब नहीं दिया तो कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। एक बाहर गेट की तरफ जाने के बाद फिर से कांग्रेस नेता सदन में वापिस लौट आ गए।
वहीं सत्र का समय न बढ़ाए जाने पर अभय चौटाला ने कहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी महज औपचारिकता है, सीएम ने सत्र की अवधि को लेकर कोई बात नहीं हुई। वहीं कांग्रेस नेता किरण चौधरी ने कहा कि सत्र की अवधि न बढ़ाकर सरकार मुद्दों से बचना चाहती है।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार, हरियाणा के पूर्व मंत्री नारायण सिंह, पूर्व मंत्री सत्यनारायण, पूर्व मंत्री पंडित शिवचरण लाल शर्मा व विधानसभा के पूर्व सदस्य मनीराम को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं इससे पहले विधानसभा बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक में एक ही दिन का विधानसभा सत्र होने पर मुहर लगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में पहले ही शीतकालीन सत्र 28 दिसंबर को बुलाने का निर्णय लिया गया था। इससे पहले सिर्फ मानसून सत्र बुलाया जाता था भाजपा सरकार ने शीतकालीन सत्र की परंपरा शुरू की। एक दिन के सत्र पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला और कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने कहा था कि विधायक अपने हलकों की समस्याओं से जुड़े सवाल नहीं पूछ सकेंगे। किसी विधायक से विधानसभा सचिवालय ने इस बार कोई सवाल नहीं मांगा है।
राज्य सरकार के वर्ष 2018-19 के संशोधित अनुमान (रिवाइज एस्टीमेट) शीतकालीन सत्र में पास किए जाएंगे। अभी तक किसी नए बिल का भी प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय को नहीं मिला है, लेकिन राज्य सरकार की तैयारी करीब आधा दर्जन बिल पास कराने की है। आज पूरे दिन सत्र हंगामेदार रहने के भी पूरे आसार हैं।

FILE PHOTO: KARAN DALAL

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