इस तरह कीजिये अपनी कुंडली से शनि की साढ़े साती को दूर

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धर्म डेस्क। हिंदू पौराणिक कथाओं के सभी देवी देवताओं में से लोगों को सबसे ज्यादा डर शनि देव से लगता है। उनका मानना है कि शनि देव व्यक्ति के जीवन में दुर्भाग्य और परेशानी लाते है। शनि को एक हानिकारक ग्रह माना जाता है और अगर कुंडली में शनि खराब स्थिति में हैं तो अन्य सभी ग्रह भी सकारात्मक परिणाम देने में विफल रहते है।

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शनि देव का जन्म –  लोग सूर्य देव से जन्मे शनि देव से उनके भाई और मृत्यु के देवता यम से भी ज्यादा डरते है। शनि देव को लोगो को उनके जीवन के दौरान ही उनके अच्छे और बुरे कर्मों के लिए इनाम या दंड देने के लिए जाना जाता है, जबकि यम देवता पापियों को उनकी मृत्यु के बाद सजा देते है।

बुरे भाग्य का देवता – हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार जब शनि देव का जन्म हुआ, तब सूर्य देव भी ग्रहण में चले गए थे। ऐसा भी कहा जाता है कि किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए शनिवार एक अशुभ दिन है। 

शनि देव बचपन में अपने भाई यम से युद्ध करने के दौरान घायल हो गए थे। शनि देव के रथ को कौवे या गिद्ध द्वारा खींचा जाता है और वे अपने साथ एक धनुष और तीर रखते है। शनि देव हमेशा काले रंग के कपड़े पहनते हैं।

जब कुंडली में शनि चंद्रमा के निकट आ जाता है तो यह उस व्यक्ति की कुंडली में साढ़े सात साल तक शासन करता है जिसको शनि की साढ़े साती भी कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस अवधि को किसी भी व्यक्ति के जीवन में एक कठिन समय माना जाता है। इसकी वजह से व्यक्ति को विफलता, दुर्घटनाएं, स्वास्थ्य, और धन संबंधी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

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ज्योतिष के अनुसार, शनि ग्रह को दुखी और उदास ग्रह के रूप में जाना जाता है लेकिन यह पूर्णतया: सच नहीं है। शनि ग्रह न्याय और धर्म का प्रतीक बनाने और लोगों को उनके कर्मों का भुगतान करने के लिए कुंडली में साढ़े साती का निर्माण करता है। 

शनि ग्रह दुर्गति, दीर्घायु, दुख, बुढ़ापे, मृत्यु, प्रतिबंध, अनुशासन, देरी, जिम्मेदारी, अधिकार, नम्रता, ज्ञान, अखंडता और महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। इस ग्रह को अंधेरे के ग्रह के रूप में जाना जाता है, जो मानव प्रकृति के अंधेरे पक्ष को नियंत्रित करता है। 

लेकिन लोगों की आस्था के विपरीत, शनि ग्रह को किसी भी अन्य ग्रह की तुलना में आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है। अगर आपकी कुंडली में शनि ग्रह बुरी स्थिति में है या आप भी शनि की साढ़े साती से पीड़ित है तो निम्न उपायों के द्वारा इसे आसानी से दूर किया जा सकता है –

1. पिंजरे में बंद पक्षियों को आजाद करना शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे आसान उपाय है।

2. शनि देव को खुश करने के लिए शनिवार के दिन इनको सरसों का तेल चढाएं।

3. इसके लिए आप शनि यंत्र का भी इस्तेमाल कर सकते है।

4. आपको जरूतमंदो की मदद करनी चाहिए और दान करना चाहिये।

5. पीपल के पेड़ की पूजा करें।

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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