मकर संक्रांति पर विशेष योग, दो दिन चलेगा दान पुण्य का दौर

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जयपुर। प्रदेश में मकर संक्रांति का पर्व दो दिन मनाया जाएगा। आस्था की डुबकी धार्मिक स्थलों पर दो दिन लगेगी। 14 को दोपहर बाद और 15 जनवरी को उदितकाल में होने के कारण लोग उदित तिथि इस पर्व को मनाते हुए दान-पुण्य करेंगे। मकर संक्रांति के दिन दान का अक्षण पुण्य मिलता है इस कारण छोटी काशी जयपुर, धर्मनगरी पुष्कर लोगों से अटी दिखती है। लोग दिन की शुरूआत दान -पुण्य से करते है। रविवार-सोमवार दोनों दिन लोग अपनी मान्यता अनुसार गलता में स्नान और दान-पुण्य करेंगे। सवार्थ सिद्धि योग होने के कारण मकर सक्रांति का विशेष महत्व रहेगा।

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मकर संक्रांति का त्योहार हर साल सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के अवसर पर मनाया जाता है। बीते कुछ वर्षों से मकर संक्रांति की तिथि और पुण्यकाल को लेकर उलझन की स्थिति बनने लगी है। इस साल भी ज्योतिषियों में दो राय है कि मकर संक्रांति 14 की नहीं बल्कि 15 जनवरी को मनाई जाएगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार हर साल सूर्य के धनु से मकर राशि में आने का समय करीब 20 मिनट बढ़ जाता है।

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इसलिए करीब 72 साल के बाद एक दिन के अंतर पर सूर्य मकर राशि में आता है। लोग अपनी आस्था अनुसार पर्व दो दिन मनाएंगे। ऐसा उल्लेख मिलता है कि मुगल कल में अकबर के शासन काल के दौरान मकर संक्रंति 10 जनवरी को मनाई जाती थी। अब सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का समय 14 और 15 के बीच में होने लगा क्योंकि यह संक्रमण काल है।

साल 2012 में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 15 जनवरी को हुआ था इसलिए मकर संक्रांति इस दिन मनाई गई थी। इस साल सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर होगा। देवी पुराण के अनुसार संक्रांति से 15 घड़ी पहले और बाद तक का समय पुण्यकाल होता है। संक्रांति 14 तारीख की दोपहर में होने की वजह से साल 2018 में मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा लेकिन 15 जनवरी को उदया तिथि के कारण भी मकर संक्रांति कई जगह मनाई जाएगी। इस दिन मकर राशि में सूूर्योदय होने के कारण करीब ढ़ाई घंटे तक संक्रांति के पुण्यकाल का दान पुण्य करना भी शुभ रहेगा।

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यह होता है दान:

मकर संक्रांति पर लोग कंबल, गर्म कपड़े, तिल की मिठाई, वस्त्र, भोजन, खाने-पीने का सामान देते है। मान्यता है कि इस दिन धर्मराज के सामान का भी दान किया जाता है जिससे मृत्यु के बाद स्वर्ग पहुंचने तक का मार्ग कोई कठिनाई नहीं आती है। 

 

 

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