मकर संक्रांति: पतंगबाजी के लिए किराए पर मिल रही छत, 12-15 हजार है किराया

0


नई दिल्ली: मकर संक्रांति का पर्व पूरा देश मना रहा है. बदलते दौर में पतंगबाजी ने भी अपना रूप बदल दिया है. पतंगबाजी अब व्यसाय के रूप में एक विकल्प की तरह लोगों के सामने आने लगा है. इसका सबसे अनूठा रंग गुजरात के अहमदाबाद में देखने को मिल रहा है. दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के अनुसार यहां पर पतंग उड़ाने के लिए छत किराए पर मिल रही है. जिनके पास पतंग उड़ाने के लिए छत पर जगह नहीं है वे लोग जिनके पास बड़ी छत है उसका प्रयोग पैसा देकर कर रहे हैं. इसके लिए वे एक दिन के लिए 12 से 15 हजार रूपय देकर पतंगबाजी का लुफ्त उठा रहे हैं. मकर संक्रांति के दिन गुजरात में अलग ही रौनक देखने को मिल रही है.

गुजरात में मकर संक्रांति को उत्तरायण के नाम से जाना जाता है. इस दिन गुजरात में पतंगबाजी का बड़ा ही महत्व है. पूरे दुनिया में गुजरात की पतंगबाजी पतंगबाजी प्रसिद्ध है. इस दिन पूरा आसमान रंग बिरंगी पतंगों से सजा रहता है. पूरे आकाश में कई डिजाइनों और आकृतियों के पतंग के साथ रंगीन हो जाता है.पतंगबाजी के लिए प्रसिद्ध गुजरात में कई हफ्ते पहले से ही पतंग की दुकाने सज जाती है. राज्य के हर शहर में कई पतंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, जिनमे जीतने वाले को इनाम भी प्रदान किया जाता है. 

यह भी पढ़ें- मकर संक्रांति: जानें क्यों मनाते हैं ये त्योहार और क्या हैं इसके मायने

छत के लिए चाहिए रेफरेंस 
किराए के छत के लिए आपको किसी परिचित का रेफरेंस देना होगा. इसके बदले में मकान मालिक आपको बैठने के लिए 10 कुर्सी और वॉशरूम इस्तेमाल की सुविधा भी देंगे. अहमदाबाद के लोगों का कहना है पतंगबाजी के लिए पुराने अहमदाबाद का अपना मजा है. जो लोग कमर्शियल डेवलेपमेंट के बाद यहां से अलग-अलग हिस्सों में जाकर बस गए. वे यहां आकर छत किराए पर लेकर समूह में पतंगबाजी का शौक पूरा करने आते हैं. लोगों का कहना है कि लोग परिचितों के यहां आकर खुद को आजाद रूप से पतंगबाजी का आनंद नहीं ले पाते इसलिए वे किराए की छत लेकर आजाद भाव से इसका आनंद लेते हैं. 

पतंग का सालाना कारोबार 45 से 50 करोड़ रुपए
गुजरात में पतंगबाजी का कारोबार पूरी दुनिया में लोकप्रिय है. देश भर में इस साल पतंग का कारोबार 625 से 630 करोड़ रुपए तक का हो सकता है. ये पिछले साल से करीब 2.5% अधिक है. पतंगबाजी कारोबार में अकेले अहमदाबाद का ही योगदान 45 से 50 करोड़ रुपए होने का अनुमान है. 

यह भी पढ़ें-  मकर संक्रांति के दिन भूलकर भी न करें ये काम

इन देशों में भी मनाई जाती है मकर संक्रांति
संक्रांति सिर्फ भारत में ही नहीं, पड़ोसी देशों में भी मनाई जाती है. पाकिस्तान की सिंधी कम्युनिटी तो हमारी तरह ही मकर संक्रांति मनाती है. वो भी इस दिन तिल के लड्‌डू खाते हैं और पतंग उड़ाते हैं. मकर संक्रांति नेपाल में माघे संक्रांति के नाम से मनाया जाता है. मनाते हैं. इस दिन नेपल में पवित्र बागमती नदी में नहाकर सूर्य की पूजा करने का परंपरा है. बांग्लादेश में भी 14 जनवरी को शक्रेन नाम से त्योहार मनाते हैं. इन देशों में पतंगबाजी का चलन बहुत है.  

इंटरनेशनल काईट फेस्टिवल
गुजरात में मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगोत्सव बेहद हर्षौल्लास के साथ मनाया जाता है. इस दिन सभी अपनी छतों पर निकलकर रंग बिरंगी बिरंगी पतंगे उड़ाते हैं और चिक्की, गजक और मूंगफली खाकर इस पर्व का लुत्फ उठाते हैं. गुजरात में हर वर्ष 7 जनवरी से 15 जनवरी के बीच इंटरनेशनल काईट फेस्टिवल का भी आयोजन किया जाता है. इस पतंगबाजी में शामिल होने के लिए देश-विदेश से कई लोग शामिल होने गुजरात के शहरों में आते हैं. 

प्रेस२४ न्यूज़ मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड – कोटगाड़ी न्यूज़ & मीडिया नेटवर्क

Source link

शायद आपको भी ये अच्छा लगे लेखक की ओर से अधिक

अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें