हरियाणा में जेल काट रहे राम रहीम से समर्थकों का मोह नहीं टूटा, रोज भेज रहे हजारों चिट्ठियां और राखी

4




राम रहीम के नाम आईं 8 हजार चिट्ठियां बता दें कि, 15 अगस्त को राम रहीम अपना जन्मदिन मनाता है। इस बार उसका 52वां जन्मदिन है। इसी दिन इस बार राखी का पर्व भी है। ऐसे में उसके समर्थक हर वो चीज भेज रहे हैं, जो उसके लिए जरूरी हो। जानकारी के अनुसार, महज 11 दिनों में ही करीब 8 हजार चिट्ठियां पहुंच चुकी हैं, जिन्हें 18 कट्‌टों में सौंपा गया। ये कट्टे सुनारिया जेल के बैरक में पहुंचाई जाती हैं। चिट्ठियाें पर न कैदी नंबर, न बैरक का जिक्र जेल प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जेल के डाकघर में चिट्ठियां छांट कर कट्‌टों में भरी जाती हैं। इस प्रक्रिया में कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। क्योंकि, ये भी चेक करना होता है कि कहीं चिट्ठियों की आड़ में कुछ और चीज तो छुपाकर नहीं भेजा जा रहा। बहरहाल, हर रोज हजार से अधिक राखियां और बधाई पत्र उसके नाम आ रहे हैं। विदेश से भी भेजे जा रहे हैं पत्र और राखी पता चला है कि राम रहीम को विदेश से भी चिट्ठियां आई हैं। हाल यह हैं कि पोस्ट ऑफिस खुलते ही डेरा सच्चा सौदा के समर्थक जन्मदिन की बधाई वाले कार्ड और राखी भेजने के लिए एकत्र हो जाते हैं। एक ही दिन में करीब 150 लोगों ने सुनारियां जेल के पते पर रजिस्टर्ड डाक भेजी। यह संख्या आज तो और भी ज्यादा बढ़ गई है। इन राज्यों में राम रहीम के ज्यादा समर्थक राम रहीम के नाम ज्यादातर चीजें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड जैसे राज्यों से पहुंचाई जा रही हैं। जबकि, कुछ इंटरनेशनल पोस्ट भी देखने को मिली हैं। 2017 में हुई थी 20 साल की सजा वर्ष 2017 में 29 अगस्त को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने राम रहीम को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई थी। राम रहीम का पूरा नाम गुरमीत राम रहीम सिंह है। वह ‘डेरा सच्चा सौदा’ का प्रमुख है। उसे अपनी दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म करने और आपराधिक धमकी देने के अपराध में यह सजा हुई। 30 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था राम रहीम को दो साध्वियों के साथ रेप के आरोप में 10-10 साल की अलग-अलग सजा भुगतनी पड़ रही है। साथ ही कोर्ट ने राम रहीम पर 30 लाख का जुर्माना भी लगाया था। फैसला सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने सुनाया था। यह अदालत रोहतक के पास सुनारिया की जिला जेल के पुस्तकालय में बनाई गई थी। शिष्याओं को 1999 में बनाया था हवस का शिकार राम रहीम के खिलाफ वैसे तो बहुत केस चल रहे हैं। मगर, जिस जुर्म में वह सजा भुगत रहा है, वह मामला 1999 का है। राम रहीम पर 1999 में अपनी दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म करने के आरोप थे। शिकायत 2002 में दर्ज हो पाई थी इस मामले में उसके द्वारा आपराधिक धमकी भी दी गई थीं। कई साल बाद दुष्कर्म के मामले में 2002 में शिकायत दर्ज हो पाई। राम रहीम ने गवाहों पर भी हमले करवाए थे।



Source link

ये भी पढ़े
1 की 68

قالب وردپرس

टिप्पणियाँ

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More