सिगरेट से दाग देता था पत्नी के प्राइवेट पार्ट्स, घिनौनी हरकतों पर कोर्ट ने याचिका नामंजूर की

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‘पत्‍नी घरेलू वस्तु नहीं, जो जैसे चाहो इस्तेमाल करो’ न्यायाधीश आरपी गोयल ने अब इस मामले में सुनवाई करते हुए पीड़ित महिला को राहत दी है। न्यायाधीश ने केस पर सुनवाई करते हुए आरोपित की याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे लोग जो पत्‍नी को एक वस्तु समझते हैं, उन्हें कोई रियायत नहीं मिलनी चाहिए। अमानवीय हरकतें करने वाले लोगों को पर कठोर कार्रवाई की जरूरत है।’ 9 साल से अकेले रहने को मजबूर पीड़िता न्यायाधीश के इस बयान के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। वहीं, यह सामने आया है कि पीड़ित महिला करीब नौ वर्षों से अकेले रहने पर मजबूर है। वह दूसरी शादी भी नहीं कर पाई है। दरिंदगी से तंग आकर उसे (पत्‍नी) घर छोडऩा पड़ा था। पीड़िता के हालातों पर ध्यान देते हुए न्यायाधीश ने यह भी कहा है कि पत्‍नी के साथ ऐसा करने वाला व्यक्ति चाहे उसका पति ही क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जा सकता। पत्नी पति की घरेलू संपत्ति नहीं होती।’ ‘यौन-अत्याचार के खिलाफ सख्त कानून बनना चाहिए’ बता दें कि, आरपी गोयल अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। उन्होंने पति द्वारा पत्नी से अमानवीय हरकतों करने के खिलाफ सरकार को सुझाव भी दिया है कि बेडरूम में पत्नी के साथ किए गए यौन-अत्याचार को लेकर सख्त कानून बनाना चाहिए, ताकि ऐसे मामलों पर अंकुश लग सके।’

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