देशभक्ति, समर्पण और त्याग हो तो धोनी जैसा हो, चोट के बाद भी वर्ल्ड कप में खेले, अब सेना में ले रहे हैं ट्रेनिंग

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नई दिल्ली। क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 ( Cricket World Cup 2019 ) के कई मैचों में टीम इंडिया ( Team India ) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ( Mahendra Singh Dhoni ) पर धीमा खेलने का आरोप लगा। कई पूर्व खिलाड़ियों ने धीमे खेलने को लेकर धोनी की ओलचना की थी। माही की वर्ल्ड कप ( World Cup ) के लीग राउंड में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच की एक फोटो वायरल हो रही है। इस फोटो में धोनी खून थूकते नजर आ रहे है। आपको याद होगा इस मैच में भारत लक्ष्य के काफी करीब पहुंचकर हार गया था। इस मैच में धोनी ने अंत तक बल्लेबाजी की थी, लेकिन को टीम को जीत नहीं दिला सके।
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असहनीय पीड़ा के बाद भी मैच में बैटिंग करते रहे धोनी
जिन क्रिकेट समर्थकों ने वर्ल्ड कप में धोनी पर धीमा खेलने का आरोप लगाकर उनकी आलोचना की थी, अब उनके समझ में आ रहा है कि उस मैच के दौरान भारत का ये पूर्व कप्तान किस दर्द से गुजर रहा था। क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के दौरान धोनी के दौरान धोनी के अंगूठे में चोट लगी हुई थी। और उनके अंगूठे से खून निकल रहा था। बहते खून को रोकने के लिए टीम इंडिया के इस बहादुर खिलाड़ी ने उंगली को अपने मुंह में डाल लिया। लेकिन तब भी खून का प्रवाह कम नहीं हुआ तो उन्होंने इस बहते खून को थूक दिया।
दर्द के कारण अपनी मुट्ठी भी नहीं बंद कर पा रहे थे धोनी
क्रिकेट वर्ल्‍ड कप 2019 में भारत के खिलाफ खेला गया ये मैच इंग्लैंड की टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। इसी मैच के दौरान धोनी का अंगूठा और उंगली दोनों चोटिल हो गए। ये महेंद्र सिंह धोनी देशभक्ति ही थी, इतना असहनीय दर्द होने बावजूद धोनी खेलते रहे। एक समय तो दर्द इताना बढ़ गया कि टीम इंडिया ये जांबाज खिलाड़ी अपनी मुट्ठी भी बंद नहीं कर पा रहा था। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक धोनी की अंगुली में हेयरलाइन फ्रेक्‍चर (Hairline Fracture) हो सकता है।
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भारतीय टीम के पूर्व कप्तान धोनी अगर इस चोट की जानकारी टीम मैनेजमेंट को दे देते तो वो वर्ल्ड कप के आगे के मैच नहीं खेल सकते थे। और वर्ल्ड कप जीतने की भारत की उम्मीदों को लीग राउंड में ही खत्म हो सकती थी। साथ यह भी कहा जा रहा है कि धोनी क्रिकेट के साथ भारतीय सेना में भी अपने काम के प्रति समर्पित हैं। धोनी को पता था कि अगर उन्होंने सेना को अपने चोट की जानकारी दे दी तो वो सेना की ट्रेनिंग से डिसक्‍वालिफाई हो जाएंगे। इसलिए धोनी ने भारतीय सेना ( Indian army )में अपनी बटालियन से ये बात छुपाई।

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