Raksha bandhan today’s : जानें आज दिन भर राखी बांधने के शुभ मुहूर्त एवं विधि



आज 15 अगस्त गुरुवार को पूरे देश में रक्षा बंधन का पवित्र त्यौहार परस्पर प्रेम और सहयोग की कामना और भावना के साथ मनाया जा रहा है। आज के दिन सुबह से लेकर सूर्यास्त तक विशेष शुभ मुहूर्त (Raksha bandhan shubh muhurt ) में बहनें अपने भाईयों की कलाई रक्षा सूत्र बांधेगी। जानें आज सावन मास की पूर्णिमा पर रक्षा बंधन के दिन राखी बांधने के लिए विशेष शुभ मुहूर्त और विधि।
 
इस रक्षाबंधन राशि के अनुसार अपनी लाड़ली बहन को दें उपहार, होती रहेगी खुशियों की बरसात
 
गुरुवार 15 अगस्त 2019- राखी बांधने के लिए ये है सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त-
प्रातः 6 बजे से लेकर रात 9 बजे तक
1- शुभ – सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक2- चल – दिन में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक3- लाभ – दोपहर 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक4- अमृत – दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक5- शुभ – सायंकाल 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक6- अमृत – शाम 6 बजे लेकर 7 बजकर 30 मिनट तक7- चल – रात्रि 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक
राखी बांधने की विधि
1- सबसे पहले बहनों का सुबह- सुबह पूजा की थाल तैयार करके उपरोक्त मुहूर्त में से किसी भी मुहूर्त में सुविधानुसार अपने भाईयों को बांधे राखी।
2- थाल में रोली, मिठाई, कुमकुम,रक्षा सूत्र, अक्षत, पीला सरसों, दीपक और राखी आदि रखें।3- इस दौरान घी का दीप जरूर जलावें।4- भाई बहन दोनों एक साथ सदबुद्धि की भावना से गायत्री महामंत्र बोलते हुए प्रार्थना करें।गायत्री महामंत्र ।। ॐ भूर्भुवः स्व: तत सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो योनः प्रचोदयात ।।5- अब इस मंन्त्र बोलते हुए सबसे पहले बहन भाई को तिलक लगाएं, फिर भाई अपनी बहन को तिलक लगाएं ।
इस मंत्र का उच्चारण करते हुए बहन-भाई एक दूसरे को तिलक लगावें-।। ॐ चन्दनस्य महत्पुण्यं, पवित्रं पापनाशनम्।आपदां हरते नित्यम्, लक्ष्मीस्तिष्ठति सर्वदा॥
6- अब भाई बहन दोनों पहले एक दूसरे के हाथ में दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र ( लाल कलावा ) बांधें । नोट- कंवारी बहने सीधे हाथ एवं विवाहित बहने उलटे हाथ में कलावा बंधवायें।
रक्षा सूत्र (राखी) बांधने का मंन्त्र
।। ॐ व्रतेन दीक्षामाप्नोति, दीक्षयाऽऽप्नोति दक्षिणाम्।दक्षिणा श्रद्धामाप्नोति, श्रद्धया सत्यमाप्यते॥।। ॐ येन बद्धो बलीराजा, दानवेन्द्रो महाबलः।तेन त्वां प्रति बध्नामि, रक्षे मा चल मा चल।।8- फिर राखी और रक्षा सूत्र बांधने के बाद, भाई की आरती उतारकर उसके ऊपर पुष्पवर्षा इस मंत्र के साथ करें।
पुष्पवर्षा करने का मंत्र
।। मंगलम भगवान विष्णु, मंगलम गरुड़ ध्वज।मंगलम पुण्डरीकाक्ष, मंगलाय तनो हरि।।
9- पुष्पवर्षा करने के बाद बहन अपने भाई को मिठाई खिला दें और भाई अपनी बहन के पैर छुकर उज्जवल भविष्य की कामना करें।
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