एक नजर में जानिए, स्वतंत्र भारत के बारे में रोचक और मजेदार बातें



नई दिल्ली। 15 अगस्त ( Independence Day ) का दिन हर देशवासी के लिए खास है। हर नागरिक इस दिन देशभक्ति से ओतप्रोत रहता है। देश इस बार 73वां स्वतंत्रता दिवस ( 73rd Independence Day of India ) मनाने की तैयारी में जुटा है। भारत को इस दिन ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। 15 अगस्त 1947 को 32 करोड़ लोगों ने आजादी की सुबह देखी थी। आजादी पाने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने वर्षों संघर्ष किया और कुर्बानियां दीं। इसकी शुरुआत 1857 की क्रांति से हुई थी। इस दौरान ब्रिटिश शासन को एक गंभीर चुनौती मिली।
आइए हम आपको बताते हैं- आजाद भारत की कुछ रोचक और मजेदार बातें। जिन्हें आप शायद ही जानते होंगे।
1. भारत 15 अगस्त, 1947 को आजाद हुआ था। लेकिन इस वक्त भारत के पास अपना राष्ट्रगान नहीं था। 1950 में जन गण मन भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया। नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने 1911 में इस गीत को लिखा था। पहली बार इसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकता अधिवेशन में गाया गया।
2. पंडित जवाहर लाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। डॉ. राजेंद्र प्रसाद को देश का पहला राष्ट्रपति बनने का गौरव प्राप्त हुआ। दरअसल देश में आजादी के समय राजनीतिक ढांचा या संविधान भी नहीं था। भारत के पास कोई लिखित दस्तावेज नहीं था। तीन साल बाद 26 जनवरी 1950 में देश को संविधान मिला। इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
3. भारत को अंग्रेजों से मुक्ति 18 जुलाई, 1947 को ही मिल गई थी। लेकिन लॉर्ड माउंटबेटन ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता की तारीख घोषित किया। दरअसल, इस दिन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के मित्र राष्ट्रों के आत्मसमर्पण की दूसरी वर्षगांठ मनाई गई थी।
4. देश को सिंधु नदी से भारत को हिंदुस्तान नाम मिला।
5. प्राचीन समय में भारत को आर्यावर्त के नाम से जाना जाता था।
6. भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से 17 बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
7. भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की ड्रेसिंग सेंस के बारे में प्रसिद्ध पत्रिका ‘वोग’ ने प्रमुखता से छापा। उनकी जैकेट फैशन बन गई, जो ‘नेहरू जैकेट’ के तौर पर जानी जाती है।
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8. आप शायद ही जानते होंगे कि देश के पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह से महात्मा गांधी अनुपस्थित थे। विभाजन के कारण हुई हिंसा को रोकने के लिए बापू भूख हड़ताल पर बैठे थे।
9. राष्ट्रीय ध्वज को पहली बार 7 अगस्त, 1906 को कोलकता के पारसी बागान स्क्वायर में फहराया गया था। इस ध्वज में लाल, पीले और हरे रंग की तीन पट्टियां थीं। ऊपर की लाल पट्टी पर एक पंक्ति में 8 सफेद कमल अंकित थे। पीली पट्टी पर हिंदी में वंदे मातरम लिखा था और बाईं तरफ एक सफेद सूरज था। सबसे नीचे हरे रंग की पट्टी पर दाहिनी ओर सफेद अर्धचंद्र और तारा बना था।
10. राष्ट्रीय ध्वज का पहला संस्करण 1921 में पिंगली वैंकया ने डिज़ाइन किया था। इसमें दो रंग-लाल और हरे शामिल थे जो दो महत्वपूर्ण समुदायों का प्रतिनिधित्व करते थे। लेकिन महात्मा गांधी की सिफारिश पर चरखे के बीच में एक सफेद पट्टी जोड़ी गई, सफेद रंग शेष भारतीय समुदायों का प्रतिनिधित्व करता था और चरखा देश की प्रगति को दर्शाता था।
11. रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखे गए भारतीय राष्ट्रगान पर विवाद भी हुआ। राष्ट्रगान में एक जगह भारत के भाग्य विधाता की जीत की बात की गई। जिसके बाद टैगोर पर आरोप लगा कि ब्रिटिश शासक के लिए यह लिखा गया है। हालांकि ब्रिटिश दावों को रविंद्रनाथ टैगोर ने सिरे से नकार दिया था।
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12. 14 सितंबर, 1949 को हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा घोषित किया गया। हालांकि यह देश की राष्ट्रीय भाषा नहीं है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 में देवनागरी लिपि में भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी का उल्लेख किया गया है।
13. जब देश आजाद हुआ था उस वक्त 562 रियासतें थीं। सरदार वल्लभभाई पटेल ने नेताओं के साथ मिलकर इन रियासतों का भारत में विलय कराया। हालांकि इनमें से तीन रियासतों- जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद और जूनागढ़ ने भारतीय संघ से बाहर रहने का फैसला लिया। ये रियासतें भारत या पाकिस्तान दोनों में से किसी का हिस्सा नहीं बनना चाहती थीं।
14. अखंड भारत पर अंग्रेजों, पुर्तगालियों और फ्रांसीसियों ने व्यापार के माध्यम से अपनी पैठ जमाई फिर यहां के कुछ क्षेत्रों को सैन्य बल और कूटनीति के जरिए अपने कब्जे में ले लिया। देश के आजादी के समय गोवा एक पुर्तगाली उपनिवेश था। पुर्तगाल ने गोवा को पुर्तगाली राज्य बताते हुए अपने संविधान में संशोधन किए। 1961 में भारतीय सैनिकों ने भारत में इसे शामिल किया।
15. खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग भारतीय ध्वज बनाने और आपूर्ति करने वाली एकमात्र लाइसेंस प्राप्त कंपनी है। धारवाड़ में स्थित कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ कपास से बने झंडे का एकमात्र निर्माता है।



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